अनुबंध - 2
(पैरा 7.2.3)

किसी विभाग की वार्षिक रिपोर्ट में किस प्रकार की सूचना रहनी चाहिए

(1) विभाग की सरंचना और कार्य

(क)कार्यों का व्यापक परिचय (यदि अधिक विस्तृत सूचना देना आवश्यक समळाा जाए, तो परिशिष्ट के एक भाग के रूप में दी जा सकती है।

(ख)सम्बद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालय, यदि कोई हो, जिनके द्वारा विभाग के कार्य संपन्न होते हैं। निम्नलिखित की सापेक्ष भूमिकाएं:

(i) विभाग

(ii) सम्बद्ध कार्यालय

(iii)अधीनस्थ कार्यालय जो कि सीधे ही विभाग के अधीन कार्य कर रहे हैं।

(ग)संगठन और कर्मचारियों की संख्या

(i) विभाग में;

(ii) इसके सम्बद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों में।

(2) कार्य निष्पादन

विभाग / सम्बद्ध / अधीनस्थ कार्यालयों के (उपरोक्त (ख) के अनुसार) कार्य-कलाप (वर्तमान और निरूपित) तथा उपलब्धियां, जिन्हें निम्न प्रकार से विभाजित किया जाए:

(क)पूर्ववर्ती वर्ष से चालू कार्यक्रम

(ख)नए कार्यक्रम,

प्रत्येक के समक्ष कुल मिलाकर और संबंधित वर्ष, दोनों के संबंध में वास्तविक निष्पादन तथा वित्तीय और वास्तविक लक्ष्यों के संदर्भ में प्रगति दिखाई जाए और जहां आवश्यक हो, चार्टों और ग्राफों से निरूपण करते हुए उनको अधिक बोधगम्य बनाया जाए।

(3) विभाग के अधीन सरकारी
क्षेत्र के उपक्रम

प्रत्येक के कार्यकलाप का मूल्यांकन जिसमें इसके लाभदायक होने अथवा न होने और विस्तार विशाखन, दुर्घटनाएं, हड़तालें और तालाबंदी तथा इसी प्रकार की अन्य मुख्य घटनाएं शामिल हैं।

(4) स्वायत्तशासी निकाय और संस्थाएं

प्रत्येक स्वायत्तशासी निकाय/संस्था के लक्ष्य के संदर्भ में प्रत्येक के कार्यकलापों का मूल्यांकन

(5) महत्वपूर्ण समितियां और आयोग

(क)चली आ रही समितियां/आयोग-वर्ष के दौरान उनका कार्य और वर्तमान स्थिति;

(ख)नई समितियां/आयोग - उनका संघटन, विचारार्थ विषय, की गयी प्रगति आदि;

(ग)जिन नई समितियों/आयोगों की स्थापना का प्रस्ताव है, उनके प्रयोजनों, सदस्यों आदि के संबंध में संक्षिप्त ब्यौरा।

(6) सम्मेलन

(क)भारत में आयोजित;

(ख)अन्तरराष्ट्रीय

भागीदारी का स्वरूप, चर्चा किए गए विषय, कार्यान्वयन की गई कार्रवाई आदि। विदेशों में आयोजित किए गए अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के संबंध में उनमें भाग लेने की लागत में विदेशी मुद्रा का उल्लेख किया जाए।

(7) अन्य देशों/ अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के साथ करार

उनका स्वरूप और प्राप्त होने वाली/दी जाने वाली वित्तीय और तकनीकी, दोनों प्रकार की सहायता की सीमा, यदि कोईहो।

(8) निकाले गए प्रकाशनों की सूची

जहां आवश्यक हो, प्रत्येक का संक्षिप्त प्रयोजन

(विभाग के समस्त प्रकाशन जो कि नियत-कालिक आधार पर यथा 3 वर्ष में एक बार, किसी परिशिष्ट में सूचीबद्ध किए जाने के लिए सामयिक रहें।)

(9) प्रशासनिक सुधार और नवपरिवर्तन

(क)प्रशासन में दक्षता और मितव्ययिता लाने के लिए वर्ष में लागू किए गए उपाय;

(ख)कार्य मापन, संगठनात्मक और प्रक्रियात्मक अध्ययनों के

(10) राजभाषा के रूप में हिन्दी का प्रयोग

क्षेत्र में आन्तरिक कार्य अध्ययन एकक के कार्य का मूल्यांकन। इस विषय पर जारी किए गए सरकारी आदेशों के संदर्भ में की गयी प्रगति।

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