अध्याय - 1

भूमिका

नियम पुस्तिका का उद्‌देश्य

1.1 इस नियम पुस्तक का उद्देश्य संसदीय कार्य के विभिन्न विषयों पर कार्रवाई करने के लिए विभाग जिस कार्य-पद्धति का पालन करते हैं, उसका संकलन प्रस्तुत करना है। इस नियम पुस्तक के उपबंध मुख्यत: निम्नलिखित प्रकाशनों के उपबंधों पर आधारित हैं:-

(क) लोक सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम;

(ख) राज्य सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम;

(ग) लोक सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों के अंतर्गत अध्यक्ष द्वारा दिए जाने वाले निदेश;

(घ) च्सरकार और संसद मंत्रालयों द्वारा संसदीय कार्यों के निपटान के संबंध में अपनाई जाने वाली कार्य पद्धति जिसे लोक सभा सचिवालय द्वारा जारी किया गया है; तथा

(ड.) विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा विधेयक तैयार करने और उन्हें पारित करने के संबंध में जारी किया गया ळ्ाापन।

नियम पुस्तिका काz

1.2 इस नियम पुस्तक में लोक सभा/राज्य सभा के कार्य संचालन से संबंधित प्रक्रिया के नियमों की अधिकारिक व्याख्या करने का कोई दावा नहीं किया गया है। इसलिए इस नियम पुस्तिका का प्रयोग करने वालों को सलाह दी जाती है कि कोई भी शंका होने पर वे इस नियम पुस्तिका में उपयुक्त स्थलों पर उल्लिखित प्रकाशनों तथा इस विषय से संबंधित अन्य अनुदेशों को देखें।

विभागीय अनुदेश

1.3 यदि विभाग आवश्यक समळो, तो इस नियम पुस्तिका के उपबंधों के पूरक रूप में समय-समय पर विभिन्न पहलुओं के संबंध में भी अनुदेश जारी कर सकते हैं।

परिभाषाएं

1.4 इस नियम पुस्तिका में यदि प्रसंग से अन्यथा अपेक्षित न हो:

(क) घ्सुगम दस्तावेज का आशय (i) वर्गीकृत दस्तावेज, और (ii) च्केवल सरकारी प्रयोग के लिएङङ के रूप में वर्गीकृत दस्तावेजों से भिन्न अन्य प्रकार के कागजातों से है;

(ख) घ्अनुच्छेद का आशय भारत के संविधान के अनुच्छेद से है;

(ग) किसी अनुभाग के संदर्भ में च्शाखा अधिकारी का आशय ऐसे अधिकारी से है जोकि सीधे ही अनुभाग से कार्य लेता है;

(घ) च्बुलेटिन का आशय संसद के प्रत्येक सदन के बुलेटिन से है;

(ङ) च्केन्द्रीय रजिस्ट्री का आशय विभाग के भीतर के ऐसे यूनिट से है जिस पर उस विभाग से संबंधित डाक की प्राप्ति, रजिस्ट्री और वितरण करने की जिम्मेदारी होती है। इस यूनिट में आवासी क्लर्क, रात्रि ड्यूटी क्लर्क जैसे कर्मचारी कार्य करते हैं;

(च) च्वर्गीकृत दस्तावेज अथवा च्वर्गीकृत सूचना का आशय ऐसे दस्तावेज अथवा सूचना से है जो सुरक्षा की दृष्टि से वर्गीकृत हों;

(छ) च्संविधान का आशय भारत के संविधान से है;

(ज) च्विभाग का आशय समय-समय पर यथा संशोधित भारत सरकार (कार्य विभाजन) नियमावली, 1961 की पहली अनुसूची में निर्दिष्ट मंत्रालय, विभाग, सचिवालय तथा कार्यालय से है;

(ळा) च्वित्त विधेयक का आशय संविधान के अनुच्छेद 110 के खंड (1) के (क) से (छ) तक के उपखंडों में, निर्दिष्ट किसी विषय के किसी विधेयक अथवा अन्य बातों के साथ-साथ संशोधन करने वाले उपबंध से है;

(ञ) घ्सदन का आशय लोक सभा अथवा राज्य सभा से है, जैसी भी स्थिति हो;

(ट) च्सदनों का आशय लोक सभा और राज्य सभा से है;

(ठ) च्संयुक्त समिति का आशय दोनों सदनों के सदस्यों से बनी समिति से है किंतु इसमें किसी एक सभा की वह समिति शामिल नहीं है जिसमें दूसरी सभा के सदस्यों को संबद्ध किया जाता है;

(ड) च्कार्यसूची जिसको क्रमसूचक पत्र भी कहते हैं, का आशय संबंधित सभा द्वारा किसी विशेष दिन में किए जाने वाले कार्य की उस सभा के सचिवालय द्वारा तैयार की गई सूची से है, जिसमें कार्य की पूरक सूची और यदि कोई हो, तो कार्य की परिशोधित सूची भी शामिल हो;

(ढ) च्प्रश्न सूची का आशय संबंधित सभा के सचिवालय द्वारा तैयार की गई किसी विशेष दिन पूछे जाने वाले तारांकित-अतारांकित और अल्प सूचना प्रश्नों की सूची से है;

(ण) च्सदस्य का आशय लोक सभा अथवा राज्य सभा के सदस्य से है;

(त) च्धन विधेयक का आशय ऐसे विधेयक से है जो संविधान के अनुच्छेद 110 के खंड (i) के (क) से (छ) तक के उपखण्डों में निर्दिष्ट सभी विषयों या किसी एक विषय से संबंधित उपबंधों के ही बारे में हो और अध्यक्ष ने ऐसा प्रमाणित कर दिया हो;

(थ) च्क्रम सूचक -- देखिए च्कार्य सूची;

(द) विभाग के च्संसद यूनिट से आशय उस विभाग के अंतर्गत ऐसे यूनिट से है जो अध्याय II में निर्दिष्ट कार्यों तथा विभाग के संसदीय कार्य के सामान्य समायोजन के लिए मूलत: जिम्मेदार हो;

(ध) च्संसदीय समिति का आशय ऐसी समिति से है जिसकी नियुक्ति अथवा निर्वाचन सदन करता हो अथवा जिसे अध्यक्ष/सभापति नामित करता हो और जो अध्यक्ष/सभापति के निर्देशन में कार्य करती है और अपनी रिपोर्ट सभा को अथवा अध्यक्ष/सभापति को प्रस्तुत करती है;

(न) च्पीठासीन अधिकारी का आशय लोक सभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष अथवा राज्य सभा के सभापति/उपसभापति से अथवा इस प्रयोजन के लिए तैयार की गई नामिका (पैनल) से लिए गए सभा के ऐसे सदस्य से है जो तत्समय सभा की बैठक की अध्यक्षता करता है;

(प) च्गैर सरकारी सदस्य का आशय मंत्री से भिन्न अन्य सदस्य से है; और

(फ) च्प्रवर समिति का आशय सभा की उस समिति से है जो किसी विधेयक की विस्तार से जांच करने के लिए नियुक्त की गई हो।

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