अध्याय - 2

सामान्य अनुदेश

कार्य का विनियमन

2.1 संसद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन का विनियमन संविधान के अनुच्छेद 118 के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा किया जाता है। कुछ वित्तीय कायोर्ं का विनियमन संविधान के अनुच्छेद 119 के अंतर्गत संसद द्वारा निर्मित कानून द्वारा किया जाता है। (अभी तक संसद के अनुच्छेद 119 के अंतर्गत ऐसा कोई कानून नहीं बना है।)

विभागों के कर्त्तव्य

2.2 मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत के अनुसार मंत्रियों के लिए यह आवश्यक है कि वे लोक सभा/राज्य सभा में सरकार के प्रत्येक कार्य का स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार रहें। इसी प्रकार विभागों के लिए यह आवश्यक है कि वे किसी भी रूप में संसद के समक्ष आने वाले समस्त मामलों पर संबंधित मंत्री अथवा मंत्रिपरिषद को समुचित रूप से अवगत कराने के लिए तैयार रहें।

अधिकारियों के कर्त्तव्य

2.3 समस्त अधिकारियों से आशा की जाती है कि वे संसद में उठाए जा सकने वाले सभी मामलों का अनुमान पहले ही से लगा लें और ऐसे सभी मामलों के संबंध में यथासंभव अधिक से अधिक सूचना तैयार रखें।

संसद यूनिट के सामान्य कर्त्तव्य

2.4 सामान्यत: प्रत्येक विभाग में उस विभाग से संबंधित समस्त संसदीय कार्य को लेने, उस पर कार्रवाई करने, उस पर नजर रखने और तालमेल रखने (परन्तु मौलिक रूप में उस पर कार्य न करने) के लिए एक पूर्ण विकसित संसद यूनिट होता है। इस यूनिट के निम्नलिखित कार्य हैं:-

(क) समूचे संसदीय कार्य के लिए एक केन्द्रीय समन्वयकारी स्थल के रूप में कार्य करना;

(ख) अंतिम रूप से स्वीकृत प्रश्नों तथा संपादित किए जाने वाले अन्य कार्यों के संबंध में पूर्व सूचना प्राप्त करने के विचार से और उस सूचना को तुरन्त संबंधित अधिकारियों/अनुभागों को भेजने के लिए लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय और संसदीय कार्य मंत्रालय के साथ संपर्क बनाए रखना;

(ग) केन्द्रीय रजिस्ट्री के माध्यम से लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय और संसदीय कार्य मंत्रालय की समस्त डाक (बशर्ते कि अधिकारियों के नाम पर न हों) प्राप्त करना ;

(घ) समस्त कागज-पत्रों को बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों/अनुभागों को भेजना ;

(ड.) जब तक संबंधित फाइल मंत्री तक नहीं पहुंच जाती, तब तक, जहां आवश्यक हो, संबंधित अधिकारियों/अनुभागों से तुरन्त और समय पर मामले निपटाने के लिए स्मरण कराना;

(च) मंत्री के निजी सचिव से सम्पर्क बनाए रखना और इस बात पर ध्यान रखना कि इस मामले को बिना किसी देरी के मंत्री महोदय के ध्यान में लाया जाए और मामले की आवश्यकता के अनुसार आगे की जरूरी कार्रवाई करना;

(छ) मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए पैड तैयार करना जैसाकि विभागीय अनुदेशों के अनुसार आवश्यक हो;

(ज) मंत्री के निजी सचिव को ऐसे पैड की दूसरी प्रति भेजना;

(ळा) उस दिन के लिए प्राप्त कार्य की सूची की प्रत्येक मद के सामने जहां संगत हो, हाशिए में अनुमत समय, पहले से व्यतीत हो चुका तथा शेष समय निर्दिष्ट करना यथा 5ट्ठ - 3 = 2ट्ठ घंटे; और यदि समय की सीमा निर्दिष्ट नहीं की गई हो या ऐसी सूचना उपलब्ध न हो तो इस तथ्य का उल्लेख हाशिए में कर दिया जाए;

(ञ) यह देखना कि विभाग से संबंधित प्रश्न के दिनों में प्रश्नोत्तर काल में और जिन दिनों में विभाग से संबंधित कार्य के लोक सभा/राज्य सभा मंे आने की संभावना हो, उन दिनों में संसद सहायक लोक/राज्य सभा की सरकारी दीर्घा में उपस्थित रहें;

(ट) यदि विभाग से संबंधित कार्य दोनों सदनों में साथ-साथ हों तो यह देखना कि प्रत्येक सदनकी सरकारी दीर्घा में विभाग का प्रतिनिधि उपस्थित रहे;

(ठ) जब किसी भी सभा की बैठक हो रही हो तब इस बात का प्रबंध करना कि संसद यूनिट का एक अधिकारी प्रतिदिन 09.00 बजे से सदन का कार्य स्थगित होने के आधे घंटे बाद तक यूनिट के कार्यालय टेलीफोन पर उपलब्ध रहे;

(ड) संसद सहायक और यदि वह उपलब्ध न हो तो सरकारी दीर्घा में उपस्थित संसदीय कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि से सम्पर्क बनाए रखना जिससे उस विभाग से संबंधित कार्रवाई की स्थिति के बारे में तत्काल सूचना दी जा सके; और

(ढ) ऐसे अन्य कार्य करना जो कि विभागीय अनुदेशों में निर्धारित किए जाएं।

केन्द्रीय रजिस्ट्री के कर्त्तव्य

2.5 लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय और संसदीय कार्य मंत्रालय की संसदीय कार्य से संबंधित समस्त डाक

(क) यदि केन्द्रीय रजिस्ट्री में प्राप्त हो तो तुरन्त संसद यूनिट को भेज दी जाएगी; और

(ख) यदि रात्रि ड्यूटी क्लर्क प्राप्त करे, तो आवश्यक समळो जाने पर तुरन्त संसद सहायक को अथवा, उसकी अनुपस्थिति में उससे उच्चतर अधिकारी को टेलीफोन पर पढ़कर सुना दी जाएगी और उसके अनुदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

संसदीय कागजों के लिए अग्रता

2.6.1लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय तथा संसदीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त सभी संदर्भ और संसदीय कार्य के विभिन्न विषयों से संबंधित समस्त फाइलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

2.6.2 प्रत्येक विभाग, ऐसे विभागीय अनुदेश जारी करेगा, जिसमें बताया जाएगा कि संसदीय कार्य के विभिन्न विषयों से संबंधित कागजों को (क) डाक अवस्था में, और (ख) अंतिम अनुमोदन के लिए किन स्तरों पर प्रस्तुत किया जाए।

लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेजे जाने वाले पत्रादि प्रक्रिया 1.5

2.7 लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय समय-समय पर अपने उन अधिकारियों के नाम, पद और टेलीफोन नम्बर आदि से संबंधित सूचना प्रकाशित करते हैं जिनके साथ विविध प्रकार के संसदीय कार्य के संबंध में सम्पर्क स्थापित किया जाना चाहिए। इनको सावधानी से नोट कर लेना चाहिए, ताकि ऐसे पत्रादि उनके नाम पर भेजे जा सकें और कोई पत्रादि अध्यक्ष/सभापति को सीधे नहीं भेजे जाएंगे। प्रश्नों आदि के संबंध में लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय के नाम विभागों से प्राप्त सभी पत्र जो सामान्यत: अध्यक्ष, लोक सभा/सभापति, राज्य सभा को प्रस्तुत किए जाने हों, महत्वपूर्ण पत्र समळो जाएं तथा उन पर किसी उपयुक्त वरिष्ठ अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।

सरकारी दीर्घा में अधिकारियों की उपस्थिति

2.8 विभिन्न प्रकार के कार्यों के संबंध में सरकारी दीर्घा में कौन सा अधिकारी उपस्थित होगा इसकी सूचना विभागीय अनुदेशों मंे दी जाएगी। सरकारी दीर्घा में उपस्थित विभाग के अधिकारी के पास मंत्री महोदय को दिए गए कागजात के सैट की दूसरी प्रति सहित सारे संबंधित कागजात रहेंगे।

सामान्य बहस के समय उपस्थिति

2.9 सामान्य वाद-विवाद के दौरान जैसे बजट, राष्ट्रपति के अभिभाषण आदि जिसके कई घंटे (या दिनों) तक चलने की संभावना हो, संसद में उपस्थित रहने और विभाग की रूचि संबंधी बातें नोट करने के लिए सभी विभागों में अधिकारियों की एक सूची बनाई जाएगी। नोट की गई सामग्री की प्रतियां उसी शाम को संबंधित सचिव और मंत्री को पहंुच जानी चाहिए। जिन बातों का उत्तर देना आवश्यक हो उनके संबंध में सारांश तैयार किए जाएंगे।

हिन्दी में अनंतिम अनुवाद

2.10संयुक्त सचिव/सचिव ने लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेजने के लिए जिस सामग्री का अनुमोदन किया हो, उसका मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त होने तक हिन्दी अनुवाद किया जाएगा।

किसीसंसदीय कार्य की ग्राह्यता का निश्चय करनेके लिएअध्यक्ष /सभापति को सूचना देना

2.11संबद्ध अध्यायों में निर्दिष्ट विशेष मानदंडों के अतिरिक्त प्रस्तावों, संकल्पों आदि संबंधी संसदीय कार्य के बारे में नोटिसों की जांच स्वत: या लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय के कहने पर सूचना देते समय निम्नलिखित दृष्टि से की जाएगी जिससे कि अध्यक्ष/सभापति मामले की स्वीकार्यता संबंधी निर्णय कर सकें:-

(क) क्या मामला केन्द्र सरकार के क्षेत्राधिकार के बाहर है;

(ख) क्या संबंधित मामले पर संसद में या सरकार द्वारा पहले भी विचार किया गया है, और यदि हों, तो उसका क्या परिणाम रहा;

(ग) क्या नीति या जनहित की दृष्टि से मामले पर बहस करने में किसी प्रकार की आपत्ति है; और

(घ) क्या दिया गया कोई संदर्भ अथवा वक्तव्य तथ्यत: गलत है।

सभापति/अध्यक्ष को भेजे गए सभी पत्रादि की एक प्रति संसद-यूनिट और संसदीय कार्य मंत्रालय को भी पृष्ठांकित की जाए।

सारांश पेश करना

2.12 सामान्यत: विभाग से संबंधित कार्य-सूची में सम्मिलित विषयों पर मंत्री के लिए सारांश तैयार किया जाता है।

(क) यह सारांश संक्षिप्त होगा परन्तु इसमें सम्पूर्ण सूचना होगी और यदि आवश्यक हो तो, परिशिष्ट में सहायक सामग्री दी जाएगी;

(ख) इस सारांश में जहां प्राप्त न हो अथवा उपलब्ध न हो, तो तत्संबंधी उल्लेख किया जाएगा; और

(ग) यह सारांश पर्याप्त समय रहते मंत्री महोदय को भेज दिया जाएगा जिससे कि उत्तर देने से पूर्व वे मामले का अध्ययन कर सकें।

संसद में मंत्रियों के भाषणों की पुष्टि और संशोधन

प्रक्रिया

2.13.1किसी सदन में मंत्रियों द्वारा दिए गए भाषण सरकारी रिपोर्टरों द्वारा नोट किए जाते हैं और उनकी कंप्यूटर प्रतियां पुष्टि और संशोधन के लिए अगले दिन सुबह मंत्रियों को भेजी जाती हैं। इन प्रतियांे को संशोधनों सहित इस प्रकार वापिस किया जाएगा:-

प्रक्रिया 19.1, 19.3

अपराह्न 3 बजे तक सम्पादन शाखा के पास वापस भेज दिया जाएगा, वापिस न करने पर, सरकारी रिपोर्टरों द्वारा लिए गए नोट अंतिम समळो जाएंगे। इस समय सीमा का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए क्योंकि कार्यवाहियों का संपादित किया हुआ शब्दश: रिकार्ड इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जाना है जो कि एक समयबद्ध कार्यक्रम है। ये संशोधन सफाई से सुवाच्य रूप में स्याही से किए जाएंगे ताकि उन्हें वाद-विवाद की पांडुलिपियों में जोड़ा जा सके और मुद्रण की गलतियों से बचा जा सके।

अध्यक्षीय निदेश 16क प्रक्रिया 19.2

2.13.2केवल छोटे-छोटे संशोधन ही किए जा सकते हैं जैसे कि व्याकरण संबंधी भूलें; उद्‌धृत वाक्यों, आंकड़ों, नामों आदि का गलत वर्णन। जब ऐसे संशोधनों की संख्या बहुत अधिक हो, तो संशोधित भाषण के पाठ का टेप-रिकार्ड से मिलान किया जाता है और कुछ नए शब्द जोड़कर अथवा निकाल कर इसके शाब्दिक रूप में अथवा मूल पाठ में कोई परिवर्तन करने की अनुमति नहीं होती। यदि मंत्री बहुत अधिक तबदीली करना आवश्यक समळो तो उन्हें सदन में अपना संशोधनकारी भाषण देना होता है।

कार्यवाही की अतिरिक्त प्रतियां सप्लाई करना प्रक्रियां 19.4

2.14यदि कार्यवाही की अतिरिक्त प्रतियों संबंधी मांग लोक सभा/राज्य सभा सचिवालयों को समय से अर्थात कार्यवाही वाले दिन सायं तक भेज दी जाएं तो वे सचिवालय कार्यवाही की अतिरिक्त प्रतियां उपलब्ध कर देंगे।

कार्यवाही का रिकार्ड

2.15प्रत्येक विभाग संसदीय कार्यवाहियों जैसे कि प्रश्नों, आधे घंटे की चर्चाओं, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों इत्यादि का रिकार्ड तत्काल संदर्भ के लिए रखेगा। इस प्रकार का रिकार्ड किस प्रकार रखा जाए, इसका नियमन विभागीय अनुदेशों द्वारा होगा

[ Home ] [ Next ] [ Back ]