अध्याय - 3

प्रश्न

प्रश्नों के प्रकार

3.1 प्रश्न तीन प्रकार के होते हैं, अर्थात् तारांकित, अतारांकित और अल्प सूचना प्रश्न:-

लोक सभा

नियम 36, 50

राज्य सभा

नियम 42, 56

(क) तारांकित प्रश्न:- इन प्रश्नों के उत्तर सदन में मौखिक रूप से दिए जाते हैं, और दिए गए उत्तरों के संदर्भ में संसद सदस्य पूरक प्रश्न पूछने के हकदार होते हैं, मंत्री के उपयोग के लिए तैयार किए गए पूरक प्रश्नों के नोट में बुद्धिमानी से इनका पूर्वानुमान लगा लिया जाएगा।

लोक सभा

नियम 36, 39
राज्य सभा नियम 42

(ख) अतारांकित प्रश्न:- इन प्रश्नों के लिखित उत्तर देने होते हैं जोकि सदन में सभा-पटल पर रखे जाते हैं और उनके उत्तरों के संबंध में कोई पूरक प्रश्न नहीं पूछे जाते हैं।

लोक सभा नियम 54

राज्य सभा नियम 58

(ग) अल्प-सूचना प्रश्न:- ऐसे प्रश्न दोनों सदनों की नियमावली (देखें नीचे पैरा 3.2) में किए गए प्रावधान के अनुसार केवल अत्यावश्यक प्रकृति के सार्वजनिक महत्व के मामलों के संबंध में पूछे जा सकते हैं। इनके उत्तर तारांकित प्रश्नों की भांति मौखिक रूप से दिए जाते हैं। इन प्रश्नों से संबंधित विशेष बातों का विवरण पैराग्राफ 3.12 में दिया गया है।

प्रश्न के लिए सूचना प्रक्रिया 1.3 लोक सभा नियम 35 राज्य सभा नियम 41

3.2 लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय प्रश्न पूछे जाने वाले मंत्री को प्रश्न के लिए कम से कम पांच दिन का नोटिस देता है तथापि, व्यवहार में, संबंधित विभाग को उत्तर तैयार करने के लिए यथासंभव अधिक से अधिक समय देने के उद्देश्य से लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय अनंतिम रूप से स्वीकृत प्रश्न की एक अग्रिम प्रति उस विभाग को भेज देता है।

प्रश्न की छानबीन प्रक्रिया 1.4

3.3 संसद एकक से प्रश्न का अनंतिम रूप से स्वीकृत पाठ प्राप्त होने पर संबंधित अनुभाग तत्काल उसकी जांच करेगा और निम्नलिखित कार्रवाई करेगा:-

प्रक्रिया 1.18 से 1.21 मंत्रिमंडल सचिवालय का तारीख 25.4. 1985, 11.3. 1987 का अ.शा. पत्र संख्या 73/2/15/85 मंत्रि मंडल ता. 13. 12.91का प्रत्र संख्या 73/2/39/91-मंत्रि मंडल, ता. 15.4. 99 का पत्र संख्या 1/25/25/98-मंत्रिमंडल और ता. 17.2.01 का पत्र संख्या 1/25/52/2000-मंत्रिमंडल

(क) (i)यदि कार्य विभाजन नियमावली के आधार पर यह प्रश्न उस विभाग से संबंधित नहीं है तो संबंधित शाखा अधिकारी उस विभाग के उपयुक्त अधिकारी को प्रश्न अंतरित करने के लिए टेलीफान करेगा, जिस विभाग से प्रश्न संबंधित है। यदि वह अधिकरी प्रश्न का अंतरण मान लंे तो प्रश्न को तत्काल अंतरित कर दिया जाएगा और इस अंतरण के संबंध में लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को टेलीफोन पर सूचित कर दिया जाएगा और उसके बाद उक्त सचिवालय की प्रश्न शाखा को इस संबंध में लिखित सूचना भेज दी जाएगी। किन्तु यदि दूसरे विभाग का वह अधिकारी प्रश्न को स्वीकार करने के लिए सहमत नहीं होता है तो विभाग का सचिव दूसरे विभाग के सचिव से इस मामले को सुलळााने के लिए चर्चा करेगा।

(ii)यदि प्रश्न के कुछ घटक दूसरे विभाग (विभागों) से संबंधित हैं और उसके कार्यक्षेत्र व दायित्व में आते हैं तो पूर्ववर्ती उप-पैरा में उल्लिखित कार्य-पद्धति के अनुसार उस विभाग को तय किया जाएगा जिसने प्रश्न का उत्तर देना है और अन्य विभाग (विभागों) प्रश्न से संबंधित संगत तथ्य संबंधित विभाग को प्रस्तुत करेगा ताकि वह प्रश्न का उत्तर तैयार कर सके।

(iii)उपर्युक्त उप-पैरा (i) और (ii) में उल्लिखित कार्य-पद्धति को अपनाने के बावजूद यदि विभागों के बीच संसदीय प्रश्न के लिए उत्तर तैयार करने के बारे में असंगत भिन्नताएं विद्यमान हों तो सचिव के अनुमोदन से विभाग अन्य विभाग (विभागों) से हुई चर्चा आदि से संबंधित विस्तृत विवरण मंत्रिमंडल सचिवालय को भेजेगा। यदि इस अवधि में प्रश्नों की सूची में प्रश्न के साथ विभाग का नाम मुद्रित हो जाता है तो प्रश्न का उत्तर तैयार करना उसके लिए बाध्यकारी होगा, किंतु उसके बाद संबंधित विभाग (विभागों) के समक्ष इस मामले को उठाया जाएगा और उससे इस विषय पर भविष्य में उठने वाले प्रश्नों को स्वीकार करने का अनुरोध किया जाएगा।

(ख) यदि यह प्रश्न किसी अन्य अनुभाग से संबंधित है तो उसे संसद एकक को वापस नहीं किया जाएगा बल्कि उपयुक्त अनुभाग को इसके अंतरण संबंधी मामले का निपटान अनुभाग अधिकारी या शाखा अधिकारी के स्तर पर कर लिया जाएगा। संगठन तथा पद्धति अधिकारी अथवा अन्य उच्चतर अधिकारी की सहायता से मामले को अविलंब अथवा कोई टिप्पणी आदि लिखे बिना निपटाया जाएगा।

लोक सभा नियम 41, 42 राज्य सभा नियम 47, 48 अध्यक्षीय निदेश 10(क) प्रक्रिया 1.6, 1.7, 1.11 से 1.17

(ग) यह जांच की जाएगी कि हाशिए में उद्‌धृत उपबंधों के अंतर्गत प्रश्न उत्तर दिए जाने के लिए स्वीकार्य है अथवा नहीं।

लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को तथ्य भेजना, प्रक्रिया 1.4, 1.8

3.4.1यदि विभाग आवश्यक समळों अथवा लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय मांगे तो प्रश्न की स्वीकार्यता के बारे में निर्णय करने के लिए संगत तथ्य यथासंभव शीघ्र, किंतु किसी भी स्थिति में विनिर्दिष्ट तारीख तक अथवा ऐसे संदर्भ की प्राप्ति के 48 घंटे के भीतर, जैसी भी स्थिति हो। अध्यक्ष/सभापति के विचारार्थ संबंधित सचिवालय को भेज दिए जाएं। यदि उत्तर समय पर नहीं भेजा जा सकता हो तो देरी के कारण बताते हुए अंतरिम उत्तर तत्काल भेज दिया जाएगा और उसके बाद तथ्यों का पता लगते ही उनकी तत्काल सूचना दी जाएगी। आवश्यकतानुसार लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, संबंधित सदस्य से नहीं।

3.4.2तथ्यों को भेजते समय, गोपनीय प्रकृति की सूचना को तदनुसार अंकित किया जाएगा और लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को यह सलाह दी जाएगी कि यह सूचना प्रश्न का नोटिस देने वाले सदस्य (सदस्यों) को नहीं बताई जानी चाहिए।

उत्तर के लिए सामग्री

3.5.1पूर्ववर्ती पैरा में निर्धारित तरीके से तथ्यों को भेजने के तुरंत बाद उत्तर का मसौदा और यदि आवश्यक हो तो पूरक प्रश्नों के लिए नोट तैयार करने के लिए सामग्री एकत्रित करने के उद्देश्य से कार्रवाई शुरू की जाएगी। अपेक्षित सामग्री एकत्रित करने के कार्य को सर्वाधिक अग्रता देते समय निम्न बातों का ध्यान रखा जाएगा :

(क) जहां तक हो सके बाहरी स्थानों पर स्थित स्रोतों से सूचना एकत्र करने के लिए विस्तृत तारों, केबल-ग्रामों तथा टेलीफोन, ट्रंककाल जैसे महंगे तरीकों से बचा जाएगा। तथापि यदि संभव हो तो, संबंधित प्राधिकारियों के फैक्स अथवा ई-मेल पते पर इस संबंध में हवाला दिया जा सकता है।

(ख) जो सूचना उपलब्ध न हो या जो उपलब्ध सूचना को अद्यतन बनाने के लिए आवश्यक हो, केवल वही सूचना मांगी जाएगी।

(ग) जो अधिकारी विशेष रूप से संबंधित हों और जो संगत सूचना देने की स्थिति में हों, केवल उन्हीं से संपर्क स्थापित किया जाएगा।

प्रश्न का बाद की तारीख में अंतरण प्रक्रिया 1.22

(घ) यदि विभाग के लिए उपलब्ध समय-सीमा के भीतर तारांकित प्रश्न के उत्तर से संबंधित सारी सूचनाओं को एकत्रित कर पाना संभव न हो, क्योंकि कभी-कभी सूचना देश के विभिन्न भागों में स्थित विविध प्राधिकरणों से एकत्रित करनी होती है, तो ऐसी स्थिति में मंत्री यथासंभव शीघ्र लेकिन प्रश्न का उत्तर दिए जाने के लिए निर्धारित दिन से पहले दिन तक ही, अध्यक्ष/सभापति को सूचित करेगा कि प्रश्न के उत्तर से संबंधित सूचना एकत्र की जा रही है और वह सत्र के दौरान किसी अगली तारीख को प्रश्न का उत्तर दे सकेंगे। यदि अध्यक्ष/सभापति इससे सहमत हो जाए तो प्रश्न को निर्धारित दिन की प्रश्न सूची से निकाल कर उस तारीख की प्रश्न सूची में रख दिया जाएगा जिसके लिए अनुरोध किया गया हो। इस प्रकार अंतरित प्रश्न को प्रश्नों की नई सूची में वहीं प्राथमिकता दी जाएगी जो कि उसे प्रश्नों की मूल-सूची में दी गई थी।

अनुपूरक प्रश्नों के लिए टिप्पणी

3.5.2जिन्हें पत्रादि भेजे गए हैं उनके उत्तरों की प्रतीक्षा किए बिना प्रश्नों का उत्तर अथवा पूरक प्रश्नों के विवरण-पत्र का मसौदा तैयार करने के लिए एकत्रित की गई सूचना या आंकड़ों के सारणीयन या संकलन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

उत्तर के मसौदे तैयार करना

3.6 उत्तर का मसौदा तैयार करते समय निम्न बातों का ध्यान रखा जाएगा :

प्रक्रिया 1.23

(क) अनंतिम रूप से स्वीकृत प्रश्न के प्राप्त होते ही, उत्तर का अनंतिम मसौदा और यदि आवश्यक हो, पूरक प्रश्नों के लिए ड्राफ्ट नोट तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्वीकृत प्रश्नों की मुद्रित सूची प्राप्त होने पर इस प्रकार तैयार किए गए उत्तर के मसौदे की समीक्षा की जाएगी और यदि आवश्यक हो तो उसे स्वीकृत प्रश्न के अनुरूप बनाने के लिए संशोधित कर दिया जाएगा। इस कार्य को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से संसद एकक लोक सभा / राज्य सभा सचिवालयके साथ संपर्क बनाए रखेगा और मुद्रित सूची के प्राप्त होने से पहले ही संबंधित अनुभाग की जानकारी के लिए प्रश्न के अंतिम तौर पर स्वीकृत रूप के पाठ का पता लगा लेगा। यह कार्य मुद्रित सूची के प्राप्त होने से कुछ दिन पहले ही कर लिया जाएगा। अर्थात् जैसे ही लोक सभा / राज्य सभा सचिवालय में प्रश्नों की अंतिम सूची प्रेस में जाने के लिए तैयार हो;

प्रक्रिया 1.23

(ख) उत्तर का मसौदा तैयार करते समय प्रश्न के भाग उद्‌धृत किए जाएंगे और उन भागों के उत्तर उनके समक्ष कालमों में लिखे जाएंगे। तारांकित प्रश्नों के मामलों में मुद्रित सूची में प्रश्न का उत्तर के मसौदे के उपर की तरफ दाहिने कोने में अंकित किया जाएगा;

अध्यक्षीय निदेश 13(क) प्रक्रिया 1.23

(ग) प्रश्न का उत्तर यथासंभव सही, सुस्पष्ट और पूर्ण होगा और इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा कि ऐसी अभिव्यक्तियों का प्रयोग न किया जाए जिसे कि टालमटोल करने वाला या आश्‍वासन दिया जाने वाला समळाा जाए, यदि ऐसा करना स्पष्ट रूप से अभिप्रेत न हो। यथासंभव प्रश्न के प्रत्येक भाग का उत्तर अलग-अलग दिया जाना चाहिए।

प्रक्रिया 1.22

(घ) जहां तक संभव हो, इस प्रकार के अंतरिम उत्तरों से बचा जाना चाहिए कि सूचना एकत्र की जा रही है और सभा के पटल पर रखी जाएगी। यह विशेष रूप से तारांकित प्रश्नों के मामले में महत्वपूर्ण है जहां इस प्रकार के उत्तर से अनावश्यक रूप से सदन का समय नष्ट होगा और सदस्य अनुपूरक प्रश्न पूछने के अवसर से वंचित रह जाएंगे।

यदि कुछ अपरिहार्य और अनपेक्षित परिस्थितियों के कारण अंतरिम उत्तर देना अनिवार्य हो, तब यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि:-

(i)आवश्यक सूचना के बाद में निश्चित रूप से पर्याप्त सीमा तक प्राप्त होने की संभावना है; और

(ii)इस सूचना को प्रकट करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

(ङ) विभाग में पहले से ही उपलब्ध सूचना अथवा बाह्य एजेंसियों से प्राप्त सूचना के आधार पर यदि संतोषजनक उत्तर तैयार किया जा सकता है तो आगे और अधिक सूचना मांगे बिना अथवा आश्‍वासन दिए बिना ऐसा उत्तर देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है, भले ही वह वस्तुत: पूर्ण न हो।

प्रक्रिया 1.30, 1.31

(च) यदि प्रश्न के उत्तर में व्यापक उत्तर या विस्तृत आंकड़े दिए जाने आवश्यक हों, जिसे पढ़ने में 15 सैकंड से अधिक समय लगने की संभावना हो तो वांछित सूचना का विवरण पत्र तैयार किया जाएगा और उत्तर के साथ संलग्न कर दिया जाएगा। तारांकित प्रश्न के मामले में, उत्तर में केवल यह कहा जाएगा कि विवरण सभा पटल पर रखा जा रहा है। किंतु अतारांकित प्रश्न के मामले में विशेष रूप से ऐसा कहने की आवश्यकता नहीं है।

(छ) जब किसी प्रश्न के उत्तर में सरकार के प्राधिकार से अथवा अन्यथा प्रकाशित दस्तावेज में उपलब्ध सूचना का उल्लेख किया जाना हो तो प्रश्न का उत्तर दिए जाने या सभा पटल में रखे जाने से पहले ऐसे दस्तावेज की प्रतियां अनिवार्य रूप से संसद के पुस्तकालय में रखी जाएंगी।

लोक सभा नियम 51

राज्य सभा नियम 57

(ज) चालू सत्र के दौरान किसी प्रश्न के उत्तर में, दूसरे सदन में दिए गए प्रश्न के उत्तर या कार्रवाई का हवाला नहीं दिया जाएगा।

प्रक्रिया 1.6, 1.13

(ळा) अगर प्रश्न मुद्रित सूची में है तो उसका उत्तर देना ही होगा, भले ही उत्तर यह हो कि मांगी गई सूचना देना सार्वजनिक हित में नहीं है।

प्रक्रिया 1.32

(ञ) यदि मूल प्रश्न हिन्दी में हो तो उत्तर हिन्दी में ही दिया जाएगा और इसे अधिप्रमाणित पाठ समळाा जाएगा और अंग्रेजी पाठ को इसका अनुवाद समळाा जाएगा।

अनुपूरक प्रश्नों के लिए टिप्पणी

3.7 तारांकित और अल्प सूचना प्रश्नों के उत्तरों के समस्त मसौदों के साथ पूरक प्रश्नों का एक नोट मंत्री महोदय के उपयोग के लिए संलग्न किया जाएगा। यह विवरण विस्तृत किंतु यथासंभव संक्षिप्त होगा और प्रश्न की प्रकृति तथा जिस प्रसंग में यह प्रश्न संसद सदस्य ने पूछा है उसके संदर्भ में संभावित पूरक प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।

प्रश्नों का हिन्दी में अनुवाद प्रक्रिया 1.32, 1.33

3.8.1उत्तर का मसौदा उसी भाषा में (हिन्दी/अंग्रेजी) होगा जिस भाषा में प्रश्न पूछा जाएगा और इसके साथ दूसरी भाषा में अनुवाद भी लगाया जाएगा। मंत्री महोदय से फाइल वापस आने पर संसद एकक स्टेंसिल काटने/फोटो प्रति करने से पूर्व यह सुनिश्चित करेगा कि उत्तर के मसौदे में किए गए परिवर्तन को अनुवाद में भी शामिल कर लिया गया है। जहां कहीं संभव हो, प्रश्न के उत्तर के अंग्रेजी पाठ की दूसरी ओर हिन्दी पाठ भी साइक्लोस्टाइल/फोटो प्रति किया जाए। यदि इन प्रश्नों के अंग्रेजी अनुवाद और हिन्दी पाठ के बारे में कोई संदेह हो तो विभाग इस बारे में स्पष्टीकरण मांगने के लिए संबंधित सचिवालय से पत्र व्यवहार करेगा।

प्रक्रिया 1.34

3.8.2वर्तमान अपेक्षाओं के अंतर्गत किसी प्रश्न के उत्तर का हिन्दी और अंग्रेजी पाठ साथ-साथ दिया जाएगा। यदि प्रश्न का उत्तर देने के लिए सभा पटल पर ऐसा ब्यौरेवार विवरण या दस्तावेज रखना आवश्यक हो जो केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध हो, तो ऐसे कागजात सभा पटल पर अंग्रेजी में रखे जा सकते हैं और उसके साथ एक वक्तव्य भी दिया जाएगा जिसमें इन दस्तावेजों आदि का हिन्दी पाठ प्रस्तुत न कर पाने के कारण स्पष्ट किए जाएंगे और यह भी बताया जाएगा कि हिन्दी पाठ सदस्यों को कब उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे दस्तावेजों का हिन्दी अनुवाद यथा-शीध्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि हिन्दी पाठ सभा पटल पर बाद में रखा गया है तो पैराग्राफ 4.1(च) में दिए गए अनुदेशों का पालन किया जाएगा।

लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को उत्तर भेजना प्रक्रिया 1.24

3.9.1प्रश्नों के उत्तर लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को इस प्रकार भेजे जाएंगे कि जिस दिन प्रश्न का उत्तर दिया जाना है उससे ठीक पहले कार्य दिवस को 15.00 बजे तक वहां पहंुच जाएं।

प्रक्रिया 1.5

3.9.2प्रश्नों आदि के संबंध में संसदीय सचिवालयों के नाम विभागों से प्राप्त सभी पत्र, जो सामान्यत: पीठासीन अधिकारियों को प्रस्तुत किए जाने हों, महत्वपूर्ण पत्र माने जाएं और इस पर किसी उपयुक्त वरिष्ठ अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाएं।

प्रश्नों के उत्तर देने वाले मंत्री

का नाम सूचित करना

प्रक्रिया 1.35

3.10संसद एकक विभाग में पहले से ही ऐसी सूची परिचालित करेगा जिसमें उन तारांकित प्रश्न (प्रश्नों) का मंत्रियों के मध्य वितरण किए जाने का उल्लेख होगा जिनका उत्तर उन्हें किसी दिन विशेष को देना है। जब किसी प्रश्न का उत्तर अपरिहार्य कारणों से किसी ऐसे मंत्री, राज्य मंत्री, उप मंत्री अथवा संसदीय सचिव द्वारा दिया जाना हो जो विभाग का प्रभारी न हो, तो संसद एकक इस तथ्य की सूचना जिस दिन प्रश्न का उत्तर दिया जाना हो, उससे ठीक पहले कार्य दिवस को 15.00 बजे तक लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को दे देगा।

अग्रिम प्रचार न करना अध्यक्षीय

निदेश13(3) लोक सभा नियम53 राज्यसभा नियम59

3.11मंत्री को प्रश्नों के जो उत्तर देने हों, उन्हें तब तक प्रचारित नहीं किया जाएगा, जब तक कि उत्तर सदन में न दे दिए जाएं या सभा पटल पर न रख दिए जाएं।

अल्प सूचना प्रश्न लोक सभा नियम 54 राज्य सभा नियम 58

3.12.1किसी अल्प सूचना को स्वीकार न करना मंत्री का विवेकाधिकार होगा।

प्रक्रिया 1.18 लोक सभा नियम 54 राज्य सभा नियम 58

3.12.2इस प्रकार के प्रश्न की अग्रिम प्रति प्राप्त होते ही संबंधित शाखा अधिकारी को भेज दी जाएगी और मौखिक रूप से भी उसे बता दिया जाएगा। यदि यह अग्रिम प्रति कार्यालय समय के बाद प्राप्त हो तो केन्द्रीय रजिस्ट्री संसद एकक से परामर्श करके उसे संबंधित शाखा अधिकारी के निवास पर भेज देगा। शाखा अधिकारी उच्च अधिकारियों से आवश्यक अनुदेश प्राप्त करेगा और अपनी इस टिप्पणी के साथ तुरंत फाइल प्रस्तुत करेगा कि प्रश्न का अल्प सूचना में उत्तर देना संभव है अथवा नहीं। यदि प्रश्न स्वीकार करने की सिफारिश की जाती है तो पूरक प्रश्नों के उपयुक्त विवरण सहित उत्तर का मसौदा मंत्री को पेश किया जाएगा। इसमें मंत्री द्वारा उत्तर दिए जाने की तारीख भी सुळााई जाएगी। मंत्री द्वारा अनुमोदित तारीख लोक सभा/राज्य सभा को बता दी जाएगी।

प्रक्रिया 1.18

3.12.3यदि प्रश्न के स्वरूप को देखते हुए [प्ौरा 3.3(ग) के अनुसार] नियमों के अंतर्गत प्रश्न स्वीकार न किए जाने योग्य प्रतीत हों, अथवा प्रश्न मंत्री को स्वीकार्य न हों तो लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को तत्काल और किसी भी स्थिति में 2 दिन के अंदर ये तथ्य सूचित कर दिए जाएंगे।

प्रश्न जिसके लिए प्रधानमंत्री का अनुमोदन आवश्यक है।

3.13 कुछ प्रश्नों के उत्तरों के मसौदों के लिए प्रधानमंत्री का अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होता है। इस संबंध में प्रधानमंत्री सचिवालय द्वारा जारी किए गए उन विस्तृत अनुदेशों का अनुपालन किया जाएगा जिनमें ऐसे प्रश्नों के प्रकार या प्रकृति जिसके लिए ऐसी अनुमति आवश्यक है, और उसके बारे में अपनाई जाने वाली कार्यविधि बताई गई है।

प्रश्न के उत्तर में भिन्नता

3.14जब किसी प्रश्न का उत्तर देते समय मंत्री के उत्तर में भिन्नता हो तो संबंधित विभाग इस तथ्य की सूचना तुरन्त लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय के साथ-साथ संबंधित सूचना अधिकारी को दे देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि पहले दी गई प्रतियों में आवश्यक संशोधन कर दिए जाएं।

भेजी जाने वाली प्रतियों की संख्या प्रक्रिया 1.24

3.15.1लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेजे जाने वाले अल्प सूचना प्रश्नों सहित प्रश्नों के उत्तरों और पूर्व प्रश्नों के उत्तरों में संशोधन करने के विवरणों की प्रतियों (अंग्रेजी और हिन्दी पाठ) की संख्या के बारे में संबंधित सचिवालयों से सुनिश्चित किया जाए।

3.15.2सभी प्रश्नों के उत्तरों और प्रश्नों के उत्तरों के भाग के रूप में सदन में दिए गए या सदन के पटल पर रखे गए सभी विवरणों के अंग्रेजी और हिन्दी पाठों की प्रतियां निर्धारित संख्या में (लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय से सुनिश्चित किया जाए) में अनुवाद शाखा को भेजी जाएंगी।

3.15.3प्रश्नों के उत्तरों के अंग्रेजी पाठों की 400 प्रतियां और हिन्दी पाठों की 100 प्रतियां अथवा जहां अंग्रेजी और हिन्दी पाठ आगे-पीछे मुद्रित हों, वहां 500 प्रतियां पत्र सूचना कार्यालय को भेजी जाएंगी।

प्रश्नों/अल्प सूचना प्रश्नों /

अशुद्ध विवरणों के उत्तरों में संशोधन

3.16 यदि किसी प्रश्न के उत्तर में अनजाने में कोई गलती रह जाए तो निम्नलिखित कार्य विधि अपनाई जाएगी :

प्रक्रिया 1.36

अध्यक्षीय निदेश 16

अध्यक्षीय निदेश 16 क

(क) साधारणत: उत्तर दे दिए जाने के एक सप्ताह के भीतर मंत्री लोक सभा/राज्य सभा के महासचिव को अपने वक्तव्य देने/रखने के इरादे की सूचना देगा और प्रस्तावित वक्तव्य की एक प्रति भी साथ भेजेगा और यदि ऐसे वक्तव्य देने में सात दिन से अधिक विलंब हो जाए तो विलंब होने के कारणों का भी उल्लेख करेगा।

प्रक्रिया 1.37

(ख) मंत्री द्वारा दिए जाने वाले वक्तव्य की हिन्दी और अंग्रेजी प्रतियां निर्धारित संख्या में हिन्दी और अंग्रेजी में अधिप्रमाणित प्रतियों के साथ, आवश्यकतानुसार विलंब के कारणों को स्पष्ट करते हुए, इस प्रकार भेजी जाएंगी कि वे जिस दिन वक्तव्य दिया जाना है, उससे पहले के कार्य-दिवस को अधिक से अधिक 15.00 बजे तक लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय में पहुंच जाएं।

(ग) यदि सदन का सत्र चल रहा हो तो -

अध्यक्षीय निदेश 16(ii)

प्रक्रिया 1.38, 1.41

(i)तारांकित प्रश्नों/अल्प सूचना प्रश्नों/विवरणों के मामलों में, चाहे वे लोक सभा के लिए हों या राज्य सभा के लिए, इस विषय को किसी उपयुक्त दिन की कार्य-सूची में सम्मिलित कर दिया जाएगा और मंत्री महोदय से सभा में वक्तव्य देने या सभा पटल पर रखने को कहा जाएगा। मंत्री द्वारा वक्तव्य दिए जाने के बाद, अध्यक्ष सदस्यों को ऐसे पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दे सकते हैं जो मंत्री द्वारा किए गए संशोधन के विषय से पूर्णत: संगत हों।

अध्यक्षीय निदेश 16(क) (ii) और (iii) प्रक्रिया 1.45

(ii) लोक सभा/राज्य सभा के लिए अतारांकित प्रश्नों के मामले में, इस विषय को किसी उपयुक्त दिन के लिए लिखित रूप से उत्तर देने के प्रश्नों की सूची में निम्नलिखित तरीके से सम्मिलित किया जाएगा:-

च्...................मंत्री................... के संबंध में, श्री............................... के अतारांकित प्रश्न संख्या ....................... के बारे में तारीख ......................... को दिए गए उत्तर में संशोधन करने के लिए वक्तव्य प्रस्तुत करें।

अध्यक्षीय निदेश 16(iii) अध्यक्षीय निदेश 16.क(iv) प्रक्रिया 1.42

(घ) यदि किसी सदन का सत्र नहीं चल रहा हो तो:

(i)तारांकित प्रश्न के मामले में - (i) मंत्री को अगले सत्र में वक्तव्य देने के लिए कहा जाएगा; अथवा

(ii)बहस की सरकारी रिपोर्ट में वक्तव्य को शामिल किया जा सकता है और साथ में निम्न प्रकार से पाद-टिप्पणी दी जा सकती है:-

च्मंत्री द्वारा दिया गया मूल उत्तर या वक्तव्य इस प्रकार है -

xxx xxx xxx

ऊपर उल्लिखित मुद्रित उत्तर, मंत्री ने मूल उत्तर के स्थान पर बाद में भेजा।

नोट :- जहां मूल उत्तर प्रकाशित करना वांछनीय न समळाा जाए, वहां उपयुक्त पाद-टिप्पणी के साथ केवल संशोधित उत्तर ही छापा जाएगा।

(iii) अतारांकित प्रश्नों के मामले में ऊपर (घ)(ii) में वर्णित कार्य-विधि अपनाई जाएगी।

किसी प्रश्न के उत्तर से उत्पन्न होने वाले सार्वजनिक

महत्व के विषय पर आधे घंटे की चर्चा

लोक सभा नियम 55

राज्य सभा नियम 60

3.17.1अध्यक्ष/सभापति किसी सदस्य द्वारा नोटिस दिए जाने पर किसी ऐसे विषय पर चर्चा के लिए आधा घंटा नियत कर सकते हैं जो पर्याप्त रूप से सार्वजनिक महत्व का हो और जिस पर हाल ही में प्रश्न पूछा गया हो और प्रश्न के लिए दिए गए उत्तर में किसी तथ्य को स्पष्ट करने की आवश्यकता हो। चर्चा में केवल निम्नलिखित व्यक्ति ही भाग लेंगे:-

(क) जिस सदस्य ने नोटिस दिया है, वह संक्षिप्त वक्तव्य देगा ;

(ख) मंत्री संक्षेप में उत्तर देगा ; और

(ग) अन्य सदस्य पूरक प्रश्न पूछेंगे, जिनकी संख्या लोक सभा के मामले में 4 से अधिक नहीं होगी।

3.17.2आधे घंटे की चर्चा के लिए नोटिस की अग्रिम प्रति जैसे ही प्राप्त होगी वैसे ही उसे संबंधित शाखा अधिकारी के पास भेज दिया जाएगा और मौखिक रूप से उसे सूचित किया जाएगा। यदि ऐसा नोटिस कार्यालय समय से पूर्व या बाद में प्राप्त हो तो उसे संसद एकक से परामर्श करके केन्द्रीय रजिस्ट्री द्वारा संबंधित शाखा अधिकारी के निवास पर भेज दिया जाएगा।

3.17.3जहां तीन दिन का निर्धारित नोटिस नहीं दिया गया है, वहां शाखा अधिकारी:

(क) यह जानने के लिए मिसिल पेश करेगा कि क्या मंत्री महोदय चर्चा करने के लिए सहमत हैं; और

(ख) यदि मंत्री चर्चा करने के लिए सहमत न हों तो इस तथ्य की सूचना लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेज देगा।

3.17.4यदि निर्धारित अवधि का नोटिस दिया गया है या मंत्री महोदय निर्धारित अवधि के नोटिस के बिना चर्चा करने के लिए सहमत है। तत्काल निम्नलिखित कार्रवाई की जाएगी :

(क) सारे आवश्यक तथ्य एकत्र किए जाएं ; और

(ख) मंत्री के उपयोग के लिए सार तैयार किया जाए।

अध्यक्षीय निदेश 19

3.17.5जब कोरम पूरा न होने के कारण आधे घंटे की चर्चा न हो सके अथवा बहस पर मंत्री के पास पूरा उत्तर देने के लिए समय न हो तो वह अध्यक्ष की अनुमति से सदन के पटल पर इस बारे में वक्तव्य रखेगा।

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