अध्याय - 4

सदन के पटल पर कागजों को रखना

सामान्य कार्यविधि

4.1 विभिन्न परिस्थितियों में कागज, रिपोर्ट या विवरण सदन पटल पर रखने होते हैं। इस संबंध में अपनाई जाने वाली कार्यविधि मोटे तौर इस इस प्रकार है:

प्रक्रिया 6.1(क)

अध्यक्षीय निदेश 116

(क) उपर्युक्त प्रकार के किसी दस्तावेज को सदन के पटल पर रखने के लिए कम से कम तीन पूरे दिन की बैठक का नोटिस देना आवश्यक है।

प्रक्रिया 6.2 प्रक्रिया 6.3

अध्यक्षीय निदेश 116 (3)

(ख) यदि कागजों को तीन दिन से कम के नोटिस पर रखने का विचार हो तो सामान्यत: ऐसा अध्यक्ष/सभापति की अनुमति से ही किया जा सकता है। यह अनुमति लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय के जरिए से ली जाएगी। जब किसी मंत्री को अल्प सूचना पर कागज प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाती है तो संबंधित मंत्रालय को अनुमति प्राप्त होते ही और हर हालत में कागज पटल पर रखे जाने से पहले लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को उसकी अधिप्रमाणित प्रति और सामान्य संख्या में उसकी प्रतियां भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए।

प्रक्रिया 6.1(क)

(ग) लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को उपर्युक्त प्रयोजन के लिए भेजी जाने वाली प्रतियों की संख्या (अंग्रेजी और हिन्दी में) का पता संबंधित सचिवालय से लगाया जाएगा।

प्रक्रिया 6.6, 6.18

(घ) यदि संसद सदस्यों में प्रतियां वितरित करने का प्रस्ताव हो तो अतिरिक्त प्रतियां (लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय द्वारा यथानिर्धारित) भेजी जाएंगी।

(ङ) लोक सभा/राज्य सभा को जिस पत्र के माध्यम से प्रतियां भेजी जा रही हैं, उसमें अन्य बातों के साथ-साथ यह भी उल्लेख किया जाएगा कि:

प्रक्रिया 6.1(i)

(i) वे पटल पर रखे जाने के लिए हैं अथवा केवल सदस्यों में वितरित किए जाने के लिए हैं।

प्रक्रिया 6.1(क)

(ii) संबंधित दस्तावेजों को सदन पटल पर रखे जाने की प्रस्तावित तारीख दी जाएगी; अथवा

प्रक्रिया 6.1(घ)

(iii) सदन के पटल पर दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की तारीख संसदीय कार्य मंत्रालय के परामर्श से निर्धारित की जाएगी अथवा नहीं ; तथा

प्रक्रिया 6.1(ख)

(iv) उस अधिकारी का नाम, पदनाम और टेलीफोन नंबर, जिससे आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेज की अतिरिक्त प्रतियां प्राप्त की जा सकें।

प्रक्रिया 6.1(क)

(च) ऊपर (ग) में से हिन्दी और अंग्रेजी की एक-एक प्रति संबंधित मंत्री द्वारा विधिवत् अधिप्रमाणित की जाएगी और विशेष रूप से ऐसा प्रमाणीकरण कागज के प्रथम पृष्ठ पर निम्नलिखित रूप से किया जाएगा:

च्लोक सभा/राज्य सभा के पटल पर रखा जाने वाला कागज।

अधिप्रमाणित

नई दिल्ली,

तारीख

(हस्ताक्षर)

..................... मंत्री

(छ) ऊपर (ग) के अनुसार लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेजे गए सभी कागजों की दो प्रतियां संसदीय कार्य मंत्रालय को भी भेजी जाएंगी।

प्रक्रिया 6.1

(ज) सामान्यत: और जहां तक संभव हो, पटल पर रखी जाने वाली सभी रिपोर्टों और लेखापरीक्षा रिपोर्टों सहित सभी कागजातों के अंग्रेजी और हिन्दी पाठ साथ-साथ रखे जाएंगे। तथापि, यदि अपवादस्वरूप और अपरिहार्य कारणों से हिन्दी और अंग्रेजी पाठ एक साथ रखना संभव नहीं है तो संबंधित मंत्री किसी एक पाठ (हिन्दी या अंग्रेजी) को रखते समय एक विवरण पटल पर रखेगा जिसमें दूसरा पाठ प्रस्तुत न किए जाने के कारणों और उसे प्रस्तुत करने में लगने वाले समय का उल्लेख किया जाएगा। ऐसे मामलों में दूसरा पाठ उसी सत्र में अथवा अधिक से अधिक अगले सत्र के प्रथम सप्ताह में पटल पर रखा जाना चाहिए, साथ ही एक विवरण प्रस्तुत किया जाए जिसमें पहले पाठ की रिपोर्टों को तारीख विशेष को पटल पर रख दिए जाने के तथ्य का उल्लेख हो। केवल एक पाठ रखे जाने की स्थिति में विभाग को सदन के पीठासीन अधिकारी से ऐसा करने के लिए छूट ले लेनी चाहिए।

प्रक्रिया 6.1(च)

(ळा) यदि किसी कारण से संबंधित मंत्री उपस्थित होने की स्थिति में न हो तो वह अध्यक्ष/सभापति को उस मंत्री के नाम की अग्रिम सूचना भेजेगा, जो उसकी ओर से कागजात रखेगा। इस सूचना की एक प्रति संसदीय कार्य मंत्री के साथ-साथ पटल कार्यालय (टेबल ऑफिस), लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भी इस प्रकार पृष्ठांकित की जाएगी कि वह बैठक आरंभ होने से कम से कम एक घंटा पूर्व पहुंच जाए।

प्रक्रिया 6.1(छ)

(ञ) सदन पर रखी जाने वाली सारी रिपोर्टें प्रेस को तभी भेजी जाएंगी जब वह सदन के पटल पर रखी जा चुकी हों। फिर भी जो रिपोर्टें कम्पनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत आती हैं, वह सरकारी कम्पनियों द्वारा उनकी वार्षिक आम बैठकों के बाद शीघ्र ही सदस्यों को सीधे वितरित की जा सकती हैं और उसके बाद यथासंभव शीघ्र ही सदन के पटल पर रखी जा सकती हैं।

प्रक्रिया 6.1(ञ)

(ट) सदन पटल पर रखे जाने वाले कागजात सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो जाने और अगले सत्र के आरंभ होने की अधिसूचना के जारी होने के बीच की अवधि में नहीं भेजे जाएंगे।

प्रक्रिया 6.4

(ठ) जब कभी किसी गंभीर दुर्घटनाओं (खान विस्फोट आदि) की जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाती हैं, जिसकी सूचना लोक/राज्य सभा को स्थगन प्रस्तावों या अन्य प्रकार से पहले ही दे दी गई हो तब संबंधित मंत्री रिपोर्ट का सार और दुर्घटना का कारण बताते हुए संक्षिप्त वक्तव्य देगा।

प्रक्रिया 6.17

(ड) जिन मामलों में दस्तावेज को सदन पटल पर रखने में अनावश्यक देरी हुई हो, उनके संबंध में विलंब का कारण देते हुए विवरण भी सदन पटल पर रखा जाएगा।

4.2 सदन पटल पर च्अत्यधिक महत्वपूर्ण अधिसूचनाओंअर्थात् ऐसी अधिसूचनाएं, जिनसे निर्यात शुल्कों में परिवर्तन किया गया हो, प्रक्रियाओं में बड़े परिवर्तन किए गए हों, आयात और केन्द्रीय उत्पाद शुल्कों में ऐसा परिवर्तन किया गया हो, जिसमें 50 लाख रूपये से अधिक का वार्षिक राजस्व निहित हो, रखने के संबंध में मोटे तौर पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया नीचे दी गई है किंतु इसमें ऐसे मामले शामिल नहीं हैं, जिनमें विद्यमान रियायत जारी रखी गई है:-

प्रक्रिया 6.22(1)

(i) ऐसी अधिसूचना असाधारण राजपत्र में प्रकाशित की जानी चाहिए।

प्रक्रिया 6.22(2)

प्रक्रिया 6.23

(ii) यदि 18.00 बजे से पहले प्रेस में भेजी गई हो तो पीठासीन अधिकारी से लिखित अनुमति और समय लेकर सदन के स्थगन से ठीक पहले उसी दिन पटल पर जी.एस.आर./एस.ओ. संख्या के बिना भी रख दी जानी चाहिए। यह संख्या बाद में सूचित की जाएगी। पीठासीन अधिकारी को भेजे गए पत्र की प्रति के साथ अन्य प्रतियां 14.00 बजे तक पटल कार्यालय (टेबल ऑफिस) में पहंुच जानी चाहिए। अग्रेषण-पत्र में अधिसूचना को पटल पर रखने के लिए अपेक्षित अधिनियम के संगत उपबंधों के साथ-साथ इसका स्पष्ट और सही विषय दिया जाना चाहिए।

प्रक्रिया 6.22(3)

(iii) यदि 18.00 बजे के बाद अधिसूचना प्रेस को भेजी जाती है तो परिचालन के लिए प्रतियां संसद सदस्यों को उसी दिन मध्य-रात्रि तक भेजी जानी चाहिए और अगली बैठक में अधिसूचना औपचारिक रूप से सदन के पटल पर रखी जानी चाहिए।

फिर भी यदि किसी विशेष मामले में अधिसूचना जारी की जाने की प्रत्याशा नहीं थी और इसलिए प्रतियां नहीं बनाई जा सकी तो संबंधित मंत्री उसी रात को पीठासीन अधिकारी को एक पत्र लिखेगा, जिसके साथ अधिसूचना की एक प्रति संलग्न करेगा और उसमें अगली बैठक में अधिसूचना सदन के पटल पर रखने के अपने इरादे को सूचित करेगा।

प्रक्रिया 6.22(4)

(iv) पीठासीन अधिकारियों को भेजे जाने वाले ऐसे सभी पत्रों की प्रतियां महासचिव, लोक सभा/राज्य सभा और पटल कार्यालय, लोक/राज्य सभा सचिवालय को पृष्ठांकित की जानी चाहिए।

प्रक्रिया 6.22(4)

(v) सीमा शुल्क और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम के अधीन जारी की गई अत्यधिक महत्वपूर्ण अधिसूचनाओं से भिन्न अन्य अधिसूचनाएं जी.एस.आर./एस.ओ. संख्या के साथ उनके प्रकाशन की तारीख से सात दिन के भीतर सदन पटल पर रखी जानी चाहिए।

प्रक्रिया 6.22(4)

(vi) यदि सदन का अधिवेशन न चल रहा हो तो अत्यधिक महत्वपूर्ण अधिसूचनाओं सहित सभी अधिसूचनाएं अगले सत्र के प्रारम्भ होने के सात दिन के भीतर प्रस्तुत की जानी चाहिए।

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