अध्याय - 5

प्रस्ताव, सरकारी विवरण, अल्पावधि चर्चाएं और संकल्प

स्थगन प्रस्ताव लो.स.नि. 57, प्रक्रिया 2.1

5.1.1लोक सभा का सदस्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस महासचिव को देगा और उसकी प्रतियां अध्यक्ष, संबंधित मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री को पृष्ठांकित करेगा। संसद एकक इन प्रस्तावों के नोटिस सत्र शुरू होने के तीन दिन पहले से सत्र की समाप्ति तक सभी कार्यदिवसों को 10.30 से 11.00 बजे तक और 16.00 से 16.30 बजे तक लोक सभा के पटल कार्यालय से एकत्र करेगा।

लो.स.नि.58, 59

5.1.2संसद एकक ऐसे नोटिस प्राप्त होने पर उन्हें तत्काल विभाग के सचिव के पास भेज देगा और उसकी प्रतियां मंत्री के निजी सचिव और उस विषय के प्रभारी शाखा अधिकारी को भेजेगा जो:-

लोक सभा नियम

(क) लोक सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम में निर्धारित मानदंडों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच करेगा,

(ख) इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में मंत्री के इस्तेमाल के लिए सार तैयार करेगा, और

(ग) मंत्री का अनुमोदन मिल जाने के बाद अनुमोदन मिलने का स्पष्ट उल्लेख करते हुए संगत तथ्य लोक सभा सचिवालय को भेजेगा।

प्रक्रिया 2.5

5.1.3यदि अध्यक्ष ने तथ्यों की जानकारी के लिए नोटिस मंत्री के पास भेजा हो तो ये तथ्य उस दिन, जिस दिन तथ्य मांगे गए हैं, सदन के स्थगित होने से पहले अथवा हर हाल में अगले दिन 10.00 बजे तक अध्यक्ष को भेज दिए जाएंगे और यदि यह संभव न हो तो अंतिम उत्तर भेजे जाने की संभावित तारीख बताते हुए लिखित रूप से अथवा टेलीफोन पर अंतरिम उत्तर भेज दिया जाएगा।

प्रक्रिया 2.3

5.1.4चूंकि स्थगन प्रस्तावों पर, उसी दिन प्रश्नकाल के तुरन्त बाद अथवा यदि प्रश्नकाल न हो तो 11.00 बजे, सदन में विचार किया जाता है, अत: संबंधित मंत्री महोदय से तदनुसार सदन में उपस्थित होने के लिए अनुरोध किया जाएगा।

ध्यानाकर्षण नोटिस लो.स.नि. 197 रा.स.नि. 180 प्रक्रिया 3.1

5.2.1सार्वजनिक महत्व के किसी अत्यावश्यक मामले में किसी मंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए कोई भी संसद सदस्य लोक/राज्य सभा के महासचिव को नोटिस दे सकता है और मंत्री से उस विषय पर वक्तव्य देने का अनुरोध कर सकता है। ऐसे नोटिसों की प्रतियां अध्यक्ष/सभापति और साथ ही संबंधित मंत्री को पृष्ठांकित की जानी आवश्यक हैं। संसद एकक लोक सभा के नोटिसों को लोक सभा सचिवालय से और राज्य सभा के नोटिसों को संसदीय कार्य मंत्रालय से 10.30 से 11.00 बजे तक और 16.00 से 16.30 बजे तक एकत्र कर लेगा।

5.2.2ऐसा नोटिस प्राप्त होने पर संसद एकक उसे तत्काल संबंधित शाखा अधिकारी के पास भेजेगा जोकि मामले की जांच करेगा और मंत्री की सहमति से निम्नलिखित कार्रवाई करेगा:-

(क) नोटिस को स्वीकार अथवा अस्वीकार किए जाने के बारे में तय करने के लिए, जहां कहीं आवश्यक हो, 24 घंटों के भीतर लिखित रूप से अथवा टेलीफोन पर लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को संगत तथ्यों से अवगत कराएगा।

(ख) यदि मंत्री स्वयं ही विवरण प्रस्तुत करना चाहे तो ऐसा विवरण प्रस्तुत करने की प्रस्तावित तारीख का उल्लेख करते हुए लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को सूचना भेजेगा।

(ग) विषय वस्तु के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस बात की जांच करेगा कि क्या विवरण उसी दिन दूसरे सदन में भी रखा जाना है।

वक्तव्य देने की कार्यविधि अध्यक्षीय निदेश 47(क) लो.स.नि. 197

रा.स.नि. 180 प्रक्रिया 3.3 से 3.5

5.2.3जब कभी किसी मामले पर सदन में कोई ध्यानाकर्षण नोटिस दिया जाता है तो संबंधित मंत्री या तो उपलब्ध जानकारी के आधार पर वक्तव्य दे सकता है अथवा बाद में किसी समय या किसी अन्य तारीख को वक्तव्य देने के लिए समय मांग सकता है। यदि वक्तव्य लम्बा हो तो केवल उसका सारांश पढ़ दिया जाना चाहिए और पूरा का पूरा वक्तव्य सदन पटल पर रख दिया जाना चाहिए। अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की सूचना अध्यक्ष/सभापति को पहले से ही दी जानी चाहिए। ऐसे वक्तव्य में संसद सदस्यों के उसी विषय अथवा उससे मिलते-जुलते विषयों पर अलग से प्रश्नों, स्थगन प्रस्तावों आदि के नोटिसों के माध्यम से उठाए गए मुद्दों का समावेश भी होगा ताकि अध्यक्ष/सभापति ऐसे नोटिसों को अस्वीकार कर सकें।

मंत्री को सार प्रस्तुत किया जाना

5.2.4यदि यह सूचना मिले कि किसी संसद सदस्य ने किसी विषय पर कोई ध्यानाकर्षण नोटिस दिया है तो उस विषय से संबंधित तथ्य इकट्ठे किए जाएंगे और मंत्री को उनका सार प्रस्तुत किया जाएगा, भले ही वह स्वीकार न किया जाए, क्योंकि वह मामला किसी अन्य रूप में अचानक संसद में दोबारा उठाया जा सकता है।

अध्यक्षीय निदेश 119 प्रक्रिया 7.2 से 7.4

5.3.1यदि कोई मंत्री सार्वजनिक महत्व के किसी विषय पर किसी दिन स्वत: वक्तव्य देना चाहे अथवा जब-जब पीठासीन अधिकारी द्वारा कोई निदेश किया जाए अथवा संसदीय कार्य मंत्री अथवा किसी अन्य मंत्री द्वारा किसी भी सदन में कोई आश्‍वासन दिया जाए कि सदन में उठाए गए मामले पर सरकार वक्तव्य देगी हो संबंधित मंत्री उस विषय पर, इस बात का ध्यान किए बिना कि आश्‍वासन केवल एक सदन में दिया गया है, दोनों सदनों में वक्तव्य देंगे। जिस तारीख को वक्तव्य देने का प्रस्ताव हो उस तारीख की सूचना लोक/राज्य सभा सचिवालय को इस प्रकार भेज दी जाएगी कि वह प्रस्तावित तारीख से एक कार्य दिवस पूर्व कम से कम *15.00 बजे तक वहां पहंुच जाए। यदि वक्तव्य सोमवार का दया जाना हो तो उससे पहले वाले शुक्रवार को *15.00 बजे तक संसद सचिवालय में इसकी सूचना पहंुच जानी चाहिए, किंतु जहाँ अल्पावधि नोटिस पर वक्तव्य दिया जाना हो वहां इसके लिए प्रस्तावित तारीख को *10.00 बजे से पहले पीठासीन अधिकारी की पूर्वानुमति प्राप्त की जाएगी। ऐसे सभी मामलों में मंत्री द्वारा दिए जाने के लिए प्रस्तावित वक्तव्य की एक प्रति, लोक/राज्य सभा सचिवालय में अध्यक्ष/सभापति की सूचना के लिए पहले से ही भेज दी जाएगी। फिर भी, यदि दिए जाने के लिए प्रस्तावित वक्तव्य गोपनीय स्वरूप का हो तो उसकी एक प्रति गोपनीय रखते हुए पहले ही अध्यक्ष/सभापति को दे दी जाएगी। यह वांछनीय होगा कि दिए जाने वाले वक्तव्य में उन ध्यानाकर्षण नोटिसोें, अल्प सूचना प्रश्नों आदि में उठाए गए मुद्दों को शामिल किया जाए जो कि उस विषय पर अलग से प्राप्त हुए हों। बहुत लंबे वक्तव्यों को (अर्थात् तीन पृष्ठों से अधिक) पटल पर रखा जाए।

5.3.2मंत्रियों द्वारा संसद में दिए जाने वाले समस्त वक्तव्यों की तीन प्रतियां और विषय से संबंधित पूरक प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सार प्रधान मंत्री के संयुक्त सचिव को भेजे जाएंगे।

प्रक्रिया 7.5

5.4लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय और संसदीय कार्य मंत्रालय को भेजे जाने वाले विवरण आदि (अंग्रेजी और हिन्दी रूपांतर) की प्रतियों की संख्या उन्हीं के द्वारा निर्धारित की जाएगी। संबंधित सचिवालय को यह प्रतियां किसी भी हालत में एक दिन पहले भेज दी जानी चाहिए अथवा जिस तारीख को वक्तव्य दिया जाना हो अथवा पटल पर रखा जाना हो, उस तारीख को 10.00 बजे तक हर हालत में भेजी जानी चाहिए ताकि संसदीय सूचना कार्यालय के माध्यम से सदस्यों को पहले ही उपलब्ध हो सकें। यदि अपेक्षित संख्या में प्रतियां भेजना संभव न हो तो जिस भाषा में मंत्री द्वारा वक्तव्य दिया जाना हो उस भाषा में उसकी छ: टाइप प्रतियां उस दिन 10.00 बजे तक प्रस्तुत की जाएं और शेष प्रतियां हर हाल में 10.30 बजे तक प्रस्तुत कर दी जानी चाहिए।

सार्वजनिक महत्व के मामलों से संबंधित प्रस्ताव

लोक सभा नियम 184, 186

राज्य सभा नियम 167

5.5.1कोई भी संसद सदस्य अथवा मंत्री सामान्य लोकहित के किसी मामले पर बहस करने के लिए प्रस्ताव रख सकता है। इसमें किसी एक निश्चित मुद्दे को समुचित रूप से उठाना चाहिए और यह विषय हाल ही में घटित किसी मामले के संबंध में होना चाहिए। सरकारी प्रस्ताव को रखने के लिए संबंधित संसद सचिवालय को सामान्यत: कम से कम पांच दिन का नोटिस दिया जाएगा
और इसकी सूचना संसदीय कार्य मंत्रालय को दी जाएगी।

लोक सभा नियम 186, 188

राज्य सभा नियम 169

5.5.2किसी भी संसद सदस्य से प्रस्ताव का नोटिस प्राप्त होने पर संसद एकक तत्काल उसे संबंधित शाखा अधिकारी के पास भेज देगा जो:-

(क) निर्धारित मानदंडों के अनुसार मामले की जांच करेगा,

(ख) मामले से संबंधित तथ्य लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेजेगा, बशर्ते कि ऐसे तथ्य विशेष रूप से मांगे गए हों अथवा उनका दिया जाना नितान्त आवश्यक हो, तथा

(ग) जब भी प्रस्ताव रखा जाएगा, उस समय की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में मंत्री के लिए सार प्रस्तुत करेगा।

अनियत दिन वाले प्रस्ताव लोक सभा नियम 189

राज्य सभा नियम 171

5.6यदि अध्यक्ष/सभापति किसी प्रस्ताव का नोटिस स्वीकार कर लेता है तो वह नोटिस संबंधित सदन की कार्यसूची में उस दिन के लिए रख दिया जाता है जिस दिन उस पर चर्चा किया जाना नियत हो जाता है। लेकिन यदि उस पर चर्चा करने के लिए कोई भी दिन नियत न किया जाए तो उसे अनियत दिन वाले प्रस्ताव के रूप में बुलेटिन में अधिसूचित कर दिया जाता है। संसद एकक से ऐसा बुलेटिन प्राप्त होने पर संबंधित अनुभाग उस प्रस्ताव की बारीकी से जांच करेगा और मंत्री के इस आशय के आदेश प्राप्त करेगा कि उस पर चर्चा करना कब सुविधाजनक होगा। इस संबंध में लिए गए निर्णय की सूचना संसदीय कार्य मंत्रालय को दे दी जाएगी।

सार्वजनिक महत्व के मामलों पर अल्पावधि चर्चा

लोक सभा नियम 193

राज्य सभा नियम 176

5.7.1यदि कोई सदस्य अत्यावश्यक सार्वजनिक महत्व के मुद्दे पर अल्पावधि चर्चा करने का इच्छुक हो तो इस आशय की लिखित सूचना महासचिव, लोक/राज्य सभा को दी जानी चाहिए।

लोक सभा नियम 194

राज्य सभा नियम 177

5.7.2संसद एकक में ऐसी सूचना प्राप्त होने पर उसे तत्काल संबंधित शाखा अधिकारी को भेज दिया जाएगा जो:-

(क) लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय से तथ्यों की मांग किए जाने पर उन्हें तथ्य भेजेगा, और

(ख) संगत सूचना एकत्र करने की कार्रवाई शुरू करेगा।

5.7.3स्वीकृति नोटिस प्राप्त होने पर संसद एकक उसे तत्काल संबंधित शाखा अधिकारी को भेज देगा जो इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई के बारे में मंत्री के लिए सार प्रस्तुत करेगा।

लोक सभा नियम 171 से 173

राज्य सभा नियम 155 से 157, 165

5.8.1कोई भी संसद सदस्य अथवा मंत्री सामान्य लोकहित से संबंधित किसी मामले पर संकल्प प्रस्तुत कर सकता है। संकल्पों की स्वीकार्यता पर लागू शर्तें लोक सभा नियम 173 और राज्य सभा नियम 157 में दी गई हैं।

सरकारी संकल्प

5.8.2यदि कोई सरकारी संकल्प प्रस्तुत किया जाना हो तो उससे संबंधित विभाग:

(क) संकल्प का मसौदा और उसकी एक व्याख्यात्मक टिप्पणी तैयार करेगा;

(ख) यदि आवश्यक हुआ तो अन्य संबंधित विभागों के साथ परामर्श करेगा;

(ग) जिन मामलों में भारत सरकार (कारोबार का संचालन) नियमावली के अधीन मंत्रिमंडल का अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक हो उनमें ऐसे अनुमोदन प्राप्त करेगा;

(घ) संसदीय कार्य मंत्रालय को अनुबंध 1 में दिए गए फार्म के भाग 2 में उपर्युक्त नोटिस (सत्र सभापति के कम से कम दस दिन पहले) देगा;

(ड.) मंत्री द्वारा विधिवत् हस्ताक्षर किया हुआ संकल्प लोक/राज्य सभा के महासचिव को भेजेगा और उसकी एक प्रति संसदीय कार्य मंत्रालय को पृष्ठांकित करेगा; तथा

(च) मंत्री के इस्तेमाल के लिए विस्तृत सार प्रस्तुत करेगा।

गैर सरकारी सदस्यों के संकल्प

5.8.3मतदान का परिणाम प्राप्त होने पर संसदीय कार्य मंत्रालय चुने गए गैर-सरकारी सदस्यों के संकल्पों का पाठ संबंधित विभागों को भेजता है और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अपने से संबंधित प्रत्येक संकल्प का अलग सार तैयार करें।

5.8.4सार में स्पष्टत: यह बताया जाएगा कि संकल्प को स्वीकार किए जाने अथवा संशोधन (संशोधनों) सहित स्वीकार किए जाने का प्रस्ताव है अथवा सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे इसे वापिस ले लें, अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा अथवा इसका विरोध करें, यदि आवश्यक हो तो, उचित संशोधन सहित निम्नलिखित मानक सूत्र का प्रयोग किया जाए:

च्सदस्य को संकल्प वापस लेने के लिए समळााया जाए। सदस्य द्वारा इसे वापस न लेने के मामले में, संकल्प का इसके वर्तमान रूप में अथवा किसी अन्य संशोधित रूप में विरोध किया जाए।

मंत्री द्वारा अनुमोदित सार की पांच प्रतियां, हिन्दी और अंग्रेजी रूपांतर, संसदीय कार्य मंत्रालय को भेज दी जाएंगी, जो उन्हें संसदीय कार्य की मंत्रिमंडलीय समिति को प्रस्तुत करेगा और समिति का निर्णय विभाग को सूचित करेगा।

संकल्पों/प्रस्तावों के संशोधनों की सूचना

5.9किसी संकल्प अथवा प्रस्ताव का संशोधन प्रस्तुत करने के इच्छुक सदस्य से यह अपेक्षा की जाती है कि वह कम से कम एक दिन का नोटिस देगा। ऐसा नोटिस प्राप्त होने पर संबंधित शाखा अधिकारी:-

लोक सभा नियम 177

राज्य सभा नियम 160

(क) मंत्री के लिए सार प्रस्तुत करेगा; और

(ख) पूरक टिप्पणी तैयार करेगा, बशर्ते कि उठाया गया मुद्दा उस विषय पर पहले से तैयार किए गए सार में विशेष रूप से शामिल न हो।

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