अध्याय - 7

बजट

भूमिका

लोक सभा नियम 204

राज्य सभा नियम 181

7.1.1संविधान के अनुच्छेद 112(1) के अनुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष के संबंध में केन्द्रीय सरकार के प्राक्कलित आय-व्यय का विवरण देते हुए एक वार्षिक वित्तीय विवरण, जिसे बजट भी कहा जाता है, वर्ष के आरम्भ में दोनों सदनों के पटल पर रखा जाना होता है। वार्षिक वित्तीय विवरण अथवा बजट लोक सभा में दो भागों में पेश किया जाता है अर्थात रेल वित्त से संबंधित रेल बजट तथा सामान्य बजट, जो कि रेलवे को छोड़कर, भारत सरकार की समग्र वित्त स्थिति की तस्वीर प्रस्तुत करता है।

वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए सामग्री

7.1.2प्रत्येक वर्ष जनवरी में, वित्त मंत्रालय द्वारा वित्त मंत्री के बजट भाषण में शामिल करने के लिए, विभागों से उपयुक्त सामग्री प्रस्तुत करने को कहा जाता है। इस संबंध में निम्नानुसार कार्रवाई की जाएगी :

(क) विभाग का वह अनुभाग, जिसे इस संबंध में समन्वय करने का कार्य सौंपा गया है, वित्त मंत्रालय से संगत पत्र प्राप्त करने की प्रत्याशा में काफी समय पहले कार्रवाई आरम्भ कर देगा और संबंधित अन्य अनुभागों से निश्चित तारीख तक उपयुक्त सामग्री उपलब्ध करने को कहेगा;

(ख) अनुभाग सामग्री तैयार करेंगे तथा संबंधित संयुक्त सचिव का अनुमोदन प्राप्त करके उसे समन्वय अनुभाग को प्रेषित करेंगे।

(ग) समन्वय अनुभाग:

(i)इस प्रकार प्राप्त सामग्री को समेकित और संपादित करके पूरे विभाग के लिए एक स्वीकृत दस्तावेज तैयार करेगा;

(ii)सचिव का अनुमोदन प्राप्त करेगा; और

(ii) सामग्री वित्त मंत्रालय को भेजेगा।

बजट दस्तावेज

7.1.3परिपाटी के अनुसार सामान्यत: फरवरी का अंतिम कार्य दिवस बजट प्रस्तुतिकरण के लिए निश्चित किया जाता है। बजट के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संसद के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं:-

(क) सभी विभागों के लिए एक परिमाण में मुख्य शीर्षों के अनुसार अनुदान मांगे;

(ख) व्यय बजट खंड (एक सैट), (इसमंे व्याख्यात्मक ळ्ाापन और योजना बजट शामिल होता है), व्यय बजट खंड 2 (इसमें अनुदान मांगों से संबंधित टिप्पणियां शामिल होती हैं) और प्राप्ति बजट (इसमें प्राप्तियां, ऋणों की वसूली तथा केन्द्र सरकार की अन्य पंूजी प्राप्तियां और ऋण की स्थिति दर्शाई जाती है);

(ग) जिस पृष्टभूमि में आगामी वर्ष का बजटीय और आर्थिक नीतियों का पर्यावलोकन किया जाना चाहिए, उस पृष्ठभूमि को प्रस्तुत करने के उद्देश्य से चालू वर्ष की अर्थव्यवस्था की मुख्य प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करते हुए आर्थिक सर्वेक्षण (सदस्यों के लिए पहले ही परिचालित किया जाता है);

(घ) आगामी वर्ष के लिए सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को कार्यान्वित करने के लिए वित्तीय विधेयक;

(ङ) वित्त विधेयक में की गई व्यवस्थाओं को स्पष्ट करते हुए व्याख्यात्मक ळ्ाापन ;

लोक सभा नियम 213

राज्य सभा नियम 183

(च) सदन में बजट दो या अधिक भागों में भी पेश किया जा सकता है, और जब भी बजट ऐसे पेश किया जाए तब प्रत्येक भाग पर वैसे ही कार्रवाई की जाएगी जैसे कि बजट पर कार्रवाई की जाती है; तथा

लोक सभा नियम 215

(छ) अनुपूरक, अतिरिक्त, अधिक और आपवादिक अनुदान और ऋण प्रस्ताव भी उपयुक्त अनुकूलनों के अधीन उसी प्रक्रिया से विनियमित होंगे जो अनुदान मांगों के मामले में लागू होती है।

बजट प्रस्ताव

लोक सभा नियम 205

राज्य सभा नियम 181(2)

7.1.4लोक सभा में नियत दिन को 11.00 बजे बजट पेश करते समय वित्त मंत्री अन्य बातों के साथ-साथ नए वित्त वर्ष के लिए कराधान, ऋणों तथा व्यय के संबंध में प्रस्तावों का विवरण देते हुए भाषण देते हैं। लोक सभा में वित्त मंत्री का भाषण समाप्त होते ही बजट राज्य सभा के पटल पर रखा जाता है। बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद उस दिन उस पर कोई चर्चा नहीं की जाती है।

सामान्य चर्चा

लोक सभा नियम 207

राज्य सभा नियम 182(2)

7.1.5वित्त मंत्रालय से परामर्श करके संसदीय कार्य मंत्रालय बजट पर सामान्य चर्चा के लिए तारीखें नियत करता है। यह चर्चा बजट पर संपूर्ण रूप से या उसमें अंतर्निहित किसी सैद्‌धांतिक प्रश्न तक ही सीमित रहती है। वित्त मंत्री को दोनों सदनों में सामान्य चर्चा का उत्तर देने का अधिकार होता है। परन्तु इस स्तर पर कोई मतदान नहीं होता।

अनुदानों की मांगें

कटौती प्रस्ताव

7.1.6सामान्य चर्चा के उपरांत एकल विभागों की अनुदान मांगों पर सदन की कामकाज सलाहकार समिति की बैठक में यथा निर्णीत कार्यक्रमानुसार लोक सभा में चर्चा प्रारम्भ की जाती है तथा उस पर मतदान होता है। जब किसी मांग पर चर्चा प्रारम्भ की जाती है तब कोई भी सदस्य निम्न प्रकार के कटौती प्रस्तावों में से किसी एक द्वारा, जिसकी सूचना उसे पहले देनी होती है, मांग की गयी राशि में कटौती करने का प्रस्ताव रख सकता है:-

लोक सभा नियम 209(क)

(क) मांग अंतर्निहित नीति का निरनुमोदन प्रकट करते हुए च्नीति निरनुमोदन कटौती प्रस्ताव च्कि मांग की राशि घटाकर 1 रूपया कर दी जाए प्रस्तुत करके।

लोक सभा नियम 209(ख)

(ख) की जा सकने वाली मितव्ययता के प्रतीक स्वरूप च्कि मांग राशि में एक निश्चित राशि की कमी की जाए - च्मितव्ययता कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत करके।

लोक सभा नियम 209(ग)

(ग) भारत सरकार के उत्तरदायित्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विशेष शिकायत को प्रकट करने के लिए यह च्सांकेतिक कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत करके च्कि मांग की राशि में 100 रूपये की कमी की जाए

प्रक्रिया 9.1

(घ) समय की उपलब्धता तथा मंत्रियों की सुविधा के अनुसार अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए मंत्री सामान्य बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा उठाए गए ऐसे अन्य मुद्दों पर भी जवाब दे सकते हैं जिस पर सामान्य बजट पर आम बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया था।

मांगों पर विवाद बंद करना

लोक सभा नियम 208(2)

प्रक्रिया 9.2

7.1.7जो मांगें इस प्रयोजन के लिए निर्धारित अंतिम दिन तक लोक सभा द्वारा पारित नहीं की जाती हैं, उन मांगों को च्विवाद बंद कर दिया जाता है। पीठासीन अधिकारी शेष मांगों पर एक-एक करके मतदान करने के लिए कहेगा और इस प्रकार नियत समय में समस्त मांगों पर मतदान पूरा हो जाता है। उन विभागों से संबंधित मंत्री को, जिसकी अनुदान मांगों पर लोक सभा में बहस नहीं हुई है और जिनकी मांगों को विवाद बंद किया जाता है, उस समय सदन में उपस्थित रहना चाहिए ताकि सदस्यों द्वारा यदि कोई प्रश्न पूछा जाए तो उसका उत्तर दिया जा सके।

विनियोग विधेयक

लोक सभा नियम 218

राज्य सभा नियम 186

7.1.8मांगों पर मतदान पूरा हो जाने के उपरांत, लोक सभा में एक विनियोग विधेयक पेश किया जाता है। इसमें इस प्रकार अनुमोदित राशियों की अदायगी और विनियोग के साथ-साथ वित्त वर्ष में सेवाओं के लिए प्रमाणित व्यय को भारत की संचित निधि से पूरा करने के लिए आवश्यक राशियों की अदायगी और विनियोग को प्राधिकृत करने की मांग की जाती है। लोक सभा द्वारा पारित किए जाने के उपरांत, विधेयक राज्य सभा को विचार करने और वापस लौटाने के लिए भेज दिया जाता है।

वित्त विधेयक

लोक सभा नियम 219

7.1.9तब वित्त विधेयक पर संसद द्वारा विचार किया जाता है और इसे धन विधेयक के रूप में पारित किया जाता है।

वार्षिक रिपोर्ट

7.2.1यह अपेक्षा की जाती है कि विभाग अनुदान मांगों पर चर्चा से काफी पहले वार्षिक रिपोर्ट तैयार कर लें। वार्षिक रिपोर्टों का उद्देश्य यह होता है कि सदस्यों को प्रत्येक विभाग के कार्यों का मूल्यांकन करने के योग्य बनाया जा सके।

7.2.2अनुभाग, जिसे समन्वय करने का कार्य सौंपा गया है, निम्नलिखित कार्रवाई करेगा -

(क) संबंधित रिपोर्ट वर्ष के दिसम्बर माह के प्रथम सप्ताह में तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ करेगा;

(ख) एक निश्चित समय-अनुसूची के द्वारा प्रगति पर नजर रखेगा;

(ग) यह सुनिश्चित करेगा कि रिपोर्ट की पांडुलिपि (हिन्दी और अंग्रेजी) को प्रेस को भेजने, प्रूफ की जांच करने और अंतिम मुद्रण के आदेश देने के लिए शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय (मुद्रण निदेशालय) द्वारा निश्चित की गयी समय सीमाओं का (संसद में कार्य संचालन के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए) सख्ती से पालन किया जा रहा है ताकि मुद्रणालयों के कार्यकरण के निर्धारित क्रम में गड़बड़ी न हो;

(घ) यह सुनिश्चित करेगा कि अंतिम रूप से जो भी छापा गया है वह अद्यतन स्थिति का परिचायक है। इसके लिए समन्वय अनुभाग, प्रूफ के अंश उन्हीं अनुभागों को देगा जिस विषय से वे संबंधित हैं। ये अनुभाग सावधानी से इनकी जांच करके उनमें संशोधन लगा उन्हें अद्यतन बनाएंगे और निर्धारित समय से पूर्व उन्हें वापस कर देंगे;

(ङ) यह सुनिश्चित करेगा कि बजट सत्र के दौरान अन्तराल के लिए दोनों सदनों को स्थगित किए जाने से कम से कम एक सप्ताह पूर्व आवश्यक बजट चर्चा के लिए रिपोर्टाें की निर्धारित संख्या में प्रतियां सदस्यों के बीच परिचालित करने के लिए लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को उपलब्ध कराई गयी हैं; और

(च) चंूकि रिपोर्ट में कभी-कभी भावी योजना और कारणों के संबंध में भी संकेत किए जाते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि विभाग की रिपोर्ट बजट प्रस्तुत करने के बाद ही जारी की जाए किंतु, यह किसी भी स्थिति में, लोक/राज्य सभा सचिवालय में ऊपर के पैरा 7.22(ङ) में निर्धारित अवधि के बाद नहीं पहंुचनी चाहिए।

7.2.3वार्षिक रिपोर्ट में किस प्रकार की सूचना दी जानी चाहिए मोटे तौर पर अनुबंध 2 में दी गयी है परन्तु इसमें समय-समय पर संशोधन किए जा सकते हैं जिन्हें संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा सूचित किया जाएगा। लेकिन संबंधित विभागों को यह छूट है कि वे अपनी विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस मोटी रूप- रेखा में परिवर्तन कर सकें।

भेजी जाने वाली वार्षिक रिपोर्ट की प्रतियांे की संख्या

7.2.4विभिन्न प्राधिकारियों को भेजी जाने वाली वार्षिक रिपोर्ट की प्रतियों की संख्या निम्नानुसार है:-

अंग्रेजी हिन्दी द्विभाषी

*.(क) लोक सभा सचिवालय 470 260 620

*. (ख) राज्य सभा सचिवालय 235 35 250

*. (ग) प्रेस सूचना ब्यूरो 900 300 1000

(घ) संसदीय कार्य मंत्रालय 05 05 05

(ड)राज्य सरकारें (संघ राज्य

सरकारों के प्रशासनों सहित) 02 02 02

(च) राज्य/संघ राज्य विधान-मंडल 02 02 02

(छ) उप निदेशक, अर्जन

अनुभाग, संसद पुस्तकालय,

कमरा नं.एफ.बी.-059,

संसद पुस्तकालय भवन 05 05 05

*.भेजने से पहले लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय से प्रतियों की संख्या सुनिश्चित कर ली जानी चाहिए।

प्रेस सूचना ब्यूरो को प्रतियां भेजते समय उन्हें यह सूचित किया जाना चाहिए कि वार्षिक रिपोर्टों को संसद सदस्यों के लिए परिचालित करने से पूर्व उनका प्रचार नहीं किया जाना चाहिए।

7.2.5चुनाव वर्ष में या अन्यथा जब नियमित आम बजट के स्थान पर संसद के दोनों सदनों में लेखानुदान मांग करते हुए अंतरिम बजट पेश किया जाना है तब मंत्रालय/विभाग उस विवरण की निर्धारित प्रतिर्यों की संख्या, जिसमें विभाग की, कैलेंडर वर्ष की संक्षिप्त गतिविधियां दी गयी है, लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को अंतरिम बजट पेश करने के तुरन्त बाद भेज सकते हैं। ऐसे वर्ष में वार्षिक बजट में विभाग की गत वर्ष को 01 जनवरी से लेखानुदान वाले वर्ष के 31 मार्च तक की गतिविधियों के संबंध में सूचनाएं दी गयी होनी चाहिए और आम बजट पेश करने के पश्चात् निर्धारित संख्या में इनकी प्रतियां (7.2.4 में दिए अनुसार) विभिन्न प्राधिकारियों को भेजी जानी चाहिए।

सोसायटियों/संस्थाओं की वार्षिक रिपोर्ट

7.2.6ऐसी सोसायटियां/संस्थाएं, जो एक बार में 50 लाख रूपये या उससे अधिक की सहायता प्राप्त करती हैं, उन्हें अपनी वार्षिक रिपोर्ट तथा लेखा परीक्षित लेखा संसद में प्रस्तुत करने अपेक्षित हैं। एक बार में 10 लाख तथा अधिक परन्तु 50 लाख रूपये से कम की सहायता प्राप्त करने वाली सोसायटियों के मामलों में, संबंधित विभागों को, संसद सदस्यों की सूचना के लिए, इन सोसायटियों में से प्रत्येक को दी गई सहायता राशि की मात्रा तथा उद्देश्य, जिसके लिए इस राशि का उपयोग किया गया, दर्शाने वाला विवरण अपनी वार्षिक रिपोर्ट में सम्मिलित करना अपेक्षित है।

संसद में बजट संबंधी चर्चा के बारे में संसद एकक का कार्य

7.3बजट पेश किए जाने के बाद, दोनों सदनों में होने वाली अनेक चर्चाओं का उत्तर देने में मंत्री की सहायता करने के लिए संसद एकक निम्न बातों को ध्यान में रखेगा:-

(क) कि संयुक्त सचिव/सचिव द्वारा निर्दिष्ट व्यापक आधार पर पहले से ही एक संक्षिप्त सार, जिसमें विभाग के कार्यकलाप का सिंहावलोकन किया गया हो, मंत्री के लिए तैयार किया जाए ताकि वह चर्चा के दौरान की जाने वाली आलोचनाओं का उत्तर दे सकें;

(ख) महत्वपूर्ण विषयों पर प्रत्येक अनुभाग द्वारा तैयार की गयी स्थायी टिप्पणियों को अद्यतन रखा जाता है ताकि उन्हें अल्प सूचना पर देखा जा सके;

(ग) विभाग बारी-बारी से किसी एक अधिकारी को सरकारी दीर्घा में उपस्थित रहने को कहे जो सामान्य चर्चा के दौरान तथा वित्त एवं विनियोग विधेयकों पर विचार करते समय विभाग से संबंधित बातों को नोट कर लें जिससे कि पैरा 2.9 में यथा अपेक्षित कार्रवाई की जा सके; और

(घ) विभाग के लिए अनुदानों की मांगों पर चर्चा के समय संबंधित शाखा अधिकारी और अन्य उच्च अधिकारी सरकारी दीर्घा में उपस्थित रहते हैं।

कटौती प्रस्ताव

7.4 कटौती प्रस्तावों की ग्राह्‌यता का विनियमन लोक सभा नियम 210, 211 और 212 के अधीन होता है। इन प्रस्तावों की सूचना प्राप्त होने पर, मंत्री के उपयोग के लिए कटौती प्रस्तावों में उल्लिखित विशिष्ट मुद्दों की अपेक्षा अधिक महत्वपूर्ण प्रत्येक मुद्दे पर एक उपयुक्त सार तैयार किया जाएगा जो कि पैरा 7.3(क) में पहले ही उल्लिखित सामान्य समस्त सार का पूरक होगा।

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