अध्याय - 16

विविध

ऐसे मामलों में समिति नियुक्त करना जो पहले ही किसी संसदीय समिति के विचाराधीन है

प्रक्रिया 11.1

16.1.1कोई विभाग किसी मामले की जांच पड़ताल के लिए कोई समिति स्थापित करने से पहले लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय से यह सुनिश्चित कर लेगा कि संसद की कोई समिति पहले से ही उसी मामले की जांच तो नहीं कर रही है।

प्रक्रिया 11.2

16.1.2यदि संसद की ऐसी कोई समिति अथवा उसकी उप समिति पहले ही ऐसे कार्य में लगी हुई है तो कोई नई समिति तभी स्थापित की जाएगी जब तक कि सार्वजनिक हित में ऐसी समिति नियुक्त करना अत्यंत आवश्यक न हो जाए।

प्रक्रिया 11.3

16.1.3ऐसी समिति की स्थापना के बाद कोई भी संसद सदस्य, लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय के माध्यम से, इसी मामले की जांच में लगी हुई संसदीय समिति के साथ पूर्व परामर्श किए बिना इसका सदस्य नियुक्त नहीं किया जाएगा।

प्रक्रिया 11.4

16.1.4इस प्रकार स्थापित किसी भी समिति की रिपोर्ट संसदीय समिति से पूर्व परामर्श किए बिना प्रकाशित नहीं की जाएगी। यदि इस संबंध में संबंधित विभाग और संसदीय समिति के मध्य किसी प्रकार का मतभेद हो तो अध्यक्ष/सभापति से निर्देश प्राप्त किया जाएगा।

प्रक्रिया 11.5

16.1.5पूर्ववर्ती उप-पैराग्राफों में वर्णित कार्यविधियां उन समितियों पर लागू नहीं होंगी जिनके सदस्य सरकारी अधिकारी होते हैं, जिनकी स्थापना विशिष्ट प्रश्नों की जांच करने के लिए की जाती है तथा जिनकी रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की जानी होती है।

लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को ऐसे निगमों/समितियों तथा अन्य निकायों के सदस्यों की सूची भेजना जिनमें लोक सभा/ राज्य सभा के सदस्य विद्यमान हों

16.2.1विभाग लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को तथा संसदीय कार्य मंत्रालय को ऐसे विभिन्न निगमों, कंपनियों, समितियों तथा अन्य निकायों के सदस्यों के नाम वाली पूरी सूचियां भेजेगा जिसमें:-

(क) लोक सभा या राज्य सभा या विभाग द्वारा कोई सदस्य निर्वाचित, नामित अथवा नियुक्त किया जाता है; अथवा

(ख) किसी निकाय द्वारा निर्वाचित अथवा नामित किया जाता है, जिसके साथ मंत्री का संबंध होता है।

16.2.2इन सूचियों में हुए किसी भी परिवर्तन के बारे में संबंधित विभाग लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय और संसदीय कार्य मंत्रालय को सूचित करेगा।

16.3 विभाग के संबंद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालय और उसके अंतर्गत अन्य निकाय भी उक्त सूचना सीधे ही लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को भेजेंगे।

16.4

समितियों की नियुक्तियों से संबंधित अधि-सूचनाए,ं प्रश्न मालाओं तथा टेलीफोन सूचियों की प्रतियां भेजना प्रक्रिया 11.7, 11.8

16.4.1विभाग, लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को निम्नलिखित सामग्री भेजेंगे तथा संसदीय कार्य मंत्रालय को उसकी एक प्रति भेजेंगे:-

(क) सरकार अथवा सांविधिक निकायों द्वारा नियुक्त समितियों के बारे में भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचनाओं/प्रेस टिप्पणियों की पांच प्रतियों और यदि ऐसी समितियों के सदस्य लोक सभा/राज्य सभा सदस्य भी हों तो तीन अतिरिक्त प्रतियां जोकि विशेष रूप से लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय की समिति की शाखा को भेजी जाएंगी;

प्रक्रिया 21.1, 21.2

(ख) विभागों, संबंद्ध अथवा अधीनस्थ कार्यालयों अथवा सरकार द्वारा नियुक्त की गई समितियों अथवा आयोगों द्वारा उनके विचाराधीन किसी मामले के बारे में जनमत का पता लगाने के लिए जारी की गई प्रश्नमालाओं की 300 प्रतियां लोक सभा के लिए और 250 प्रतियां राज्य सभा के लिए; और

प्रक्रिया 15.10

(ग) मंत्री, सचिव आदि के नाम, घर के पते तथा टेलीफान नम्बर से संबंधित सूचना सहित अनुबंध 27 में दिए गए फार्म की दो प्रतियां विहित रूप से भर कर प्रत्येक सत्र के आरंभ होने से कम से कम 10 दिन पहले भेजेगा इस संबंध में हुए किसी भी परिवर्तन की सूचना तत्काल भेजी जाएगी।

16.4.2यदि कोई मंत्री संसद सत्र के दौरान अथवा सत्र की पूर्व संध्या पर त्यागपत्र दे देता है/पदभार छोड़ देता है तो, विभाग को, यदि आवश्यक हो तो प्रधान मंत्री कार्यालय से परामर्श करके यह निर्णय लेने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी होगी कि मंत्री जिन्होंने त्यागपत्र दे दिया है/कार्यभार छोड़ दिया है, द्वारा किया जाने वाला संसदीय कार्य (प्रश्नों सहित) किस दूसरे मंत्री को सौंप दिया जाए और इस निर्णय की सूचना (पत्र द्वारा) समय से शीघ्रातिशीघ्र अध्यक्ष, लोक सभा /सभापति, राज्य सभा को भेजी जाएगी। यदि आवश्यक हो तो, मंत्रालय का पदभार छोड़ने वाले मंत्री के हस्ताक्षर से अथवा नाम से जारी किए गए संसदीय कागजातों में अनुवर्ती परिवर्तन किए जाएंगे।

दस्तावेज और प्रकाशन पुस्त-कालय को भेजना

16.5विभाग निम्नलिखित दस्तावेज/प्रकाशन संसद के पुस्तकालय को भेज देंगे-

प्रक्रिया 20.9

(क) विभागों और उनके संबंद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों और मिलते-जुलते संगठनों द्वारा जारी की गई सभी रिपोर्टों, प्रकाशनों की पांच प्रतियां;

प्रक्रिया 20.10

(ख) उनके द्वारा जारी अध्यादेश की दस प्रतियां;

प्रक्रिया 20.16

(ग) किसी सरकारी उपक्रम अथवा किसी स्वायत्त अथवा अर्धस्वायत्त निकाय की स्थापना संबंधी संगम अनुच्छेदों, ळ्ाापनों अथवा संकल्पों की दो प्रतियां और जहां कहीं भी ऐसे संगम अनुच्छेदों, ळ्ाापन अथवा संकल्प में कहीं संशोधन किया जाए वहां उसकी भी प्रतियां प्रस्तुत की जाएं;

प्रक्रिया 20.11

(घ) प्रकाशित सभी प्रकाशनों को दर्शाने वाला एक मासिक विवरण जिसमें विदेशी सरकारों के साथ किए गए करारों और समितियों आयोगों की रिपोर्टें भी शामिल हैं; तथा

प्रक्रिया 20.16

(ड.) ऐसे सभी निकायों/संस्थाओं आदि की एक सूची जो उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यदि सूची में कोई परिवर्तन किया गया हो तो उसकी भी सूचना प्रस्तुत की जाए।

किसी प्रश्न के उत्तर/विवरण में उल्लिखित या सभा पटल में रखे जाने वाले प्रकाशन प्रक्रिया 20.14

16.6.1यदि किसी प्रश्न के उत्तर में अथवा सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में प्रकाशनों का उल्लेख किया गया हो अथवा प्रकाशनों को संसद के पुस्तकालय में भेजा जाए तो अग्रेषण टिप्पणी मंे इस बात का उल्लेख रहेगा। ऐसी सामग्री सदन में प्रश्न पूछे जाने के दिन से कम से कम एक दिन पहले पुस्तकालय को भिजवा दी जानी चाहिए।

प्रक्रिया 20.12

16.6.2इसी प्रकार यदि किसी विभाग, उसके संबंद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों अथवा तत्संबंधी संगठनों के द्वारा प्रकाशित प्रकाश्नों तथा स्वायत्त और अर्धस्वायत्त संगठनों की रिपोर्टों और लेखाओं आदि को सदन के पटल पर रखा जाना हो तो सदन के पटल पर रख दिए जाने के बाद प्रकाशनों की प्रतियां पुस्तकालय को भेज दी जाएंगी। लेकिन यदि संसद का सत्र न होने के भेज दी जाएंगी। लेकिन यदि संसद का सत्र न होने के कारण इन दस्तावेजों को सदन के पटल पर रखने से पूर्व पुस्तकालय को दे दिया जाता है तो इस बात का स्पष्ट उल्लेख अग्रेषण पत्र में किया जाएगा।

संसदीय समितियों के सदस्यों के

दौरों के लिए परिवहन व्यवस्था

प्रक्रिया 12.15

16.7संसदीय समितियों, परामर्शदात्री समितियों अथवा उनकी उपसमितियों अथवा अध्ययन दलों के सदस्यों को उनकी अध्ययन यात्रा के दौरान परिवहन सुविधाओं की व्यवस्था उनसे संबंधित विभागों और कार्यालयों या उनके अधीनस्थ अथवा संबंद्ध संस्थानों द्वारा की जाएगी।

सदस्यों के साथ पत्र व्यवहार

16.8.1किसी सदस्य से प्राप्त पत्रादि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

16.8.2यदि पत्रादि, मंत्री के पते पर भेजे गए हों तो उसका उत्तर जहां तक व्यावहारिक समळाा जाए मंत्री स्वयं देगा, अन्य मामलों में सामान्यत: कम से कम सचिव के स्तर के अधिकारी के हस्ताक्षर से उत्तर भेजा जाएगा। लेकिन यदि कोई पत्र अवर सचिव या उच्चतर स्तर के अधिकारी को भेजा जाता है तो नेमी मामलों में स्वयं उसके द्वारा पत्र लिखने वाले को उत्तर भेजा जाए। यदि पत्र में नीति संबंधी जिक्र हो तो प्रेषिती उच्चतर अधिकारियों से परामर्श करके स्वयं उत्तर दें। संसद सदस्यों के पत्रों का उत्तर देने वाले अधिकारी कम से कम अवर सचिव स्तर के अधिकारी होंगे और ये उत्तर केवल पत्र के रूप में भेजे जाने चाहिए।

16.8.3यदि कोई सदस्य सीधे ही ऐसी कोई जानकारी मांगता है जिसे संसद भवन में देने से इंकार नहीं किया जा सकता है तो वह जानकारी सामान्यत: उसे दे दी जाएगी।

16.8.4समिति किसी सदस्य को कोई गुप्त सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है।

सरकारी दीर्घा कार्डों तथा सामान्य पासों से संबंधित कार्यविधि

16.9सरकारी दीर्घा में केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाता है जिनकी सदन में विचाराधीन विषय के संबंध में और केवल उसी दौरान सदन मंे उपस्थिति नितांत आवश्यक हो सरकारी दीर्घा कार्ड तथा सामान्य पास जारी करने के लिए निम्नलिखित कार्यविधि अपनाई जाएगी :-

प्रक्रिया 18.9

(क) बिना विशेष पृष्ठांकन के जारी किए गए सामान्य पास धारक को केवल संसद भवन में प्रवेश करने का अधिकार देते हैं और जिन मामलों में धारकों को सरकारी दीर्घा में प्रवेश दिया जाता है उनमें पासों पर तदनुसार पृष्ठांकन किया जाना आवश्यक होगा।

प्रक्रिया 18.1 से 18.13

(ख) मंत्रालयों को लोक सभा/राज्य सभा के किसी सत्र के लिए अपेक्षित न्यूनतम सरकारी दीर्घा कार्डों तथा साधारण पासों की मांग करते हुए आवेदन करना चाहिए। यह आवेदन लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय में उस तारीख तक पहुंच जाना चाहिए जो प्रत्येक सत्र के आरंभ होने से पूर्व जारी किए जाने वाले कार्यालय ळ्ाापन के माध्यम से विभागोंे को सूचित की गई हो।

प्रक्रिया 18.15

(ग) मंत्री के वैयक्तिक कर्मचारी-वर्ग के संबंध में केवल निजी सचिव तथा अपर निजी सचिव के लिए सत्रीय सरकारी दीर्घा कार्ड दिए जाएंगे।

प्रक्रिया 18.3, 18.4

(घ) सरकारी दीर्घा कार्डों तथा सामान्य पासों के लिए विभागों के आवेदन प्रत्येक सत्र से पहले इस उद्देश्य के लिए निर्धारित तारीख तक लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय में पहंुच जाने चाहिए। इन आवेदनों पर कम से कम उप सचिव स्तर के अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे और सभी स्थितियों में उन व्यक्तियों के नाम और पद रहेंगे जिनके लिए कार्डों और पासों की आवश्यकता है। संसदीय उपभवन के लिए जिन क्षेत्रों और कमरों में प्रवेश वांछनीय हैं उनका भी निश्चित रूप से उल्लेख किया जाए। संबंधित विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को जारी किए गए फोटो लगे पहचान पत्रों की संख्या का भी उनके नामों के सामने उल्लेख किया जाए।

प्रक्रिया 18.10

(ङ) सरकारी दीर्घा कार्डों तथा सामान्य पासों पर उन व्यक्तियों के हस्ताक्षर होंगे जिनके नाम पर वे जारी किए गए हों, और वे व्यक्ति गृह मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र भी अपने साथ रखेंगे जिन्हें मांगने पर दिखाना होगा।

प्रक्रिया 18.8

(च) सरकारी दीर्घा कार्ड और सामान्य पास हस्तांतरणीय नहीं होते।

प्रक्रिया 18.7

(छ) सरकारी दीर्घा में कुर्सियों की पहली दो पंक्तियां सरकारी दीर्घा के हरे कार्डों वाले संयुक्त सचिव तथा उससे उच्चतर स्तर के अधिकारियों के लिए आरक्षित होंगी।

प्रक्रिया 18.11

(ज) च्सत्रीय अथवा दैनिक कार्डों अथवा सरकारी दीर्घा के पासों के धारक कर्मचारी प्रवेश द्वार के निकट रखी हुई दर्शक पुस्तक में अपने नाम, पदनाम, विभाग, यात्रा का कारण आदि दर्ज करते हुए अपने हस्ताक्षर करेंगे।

प्रक्रिया 18.12

(ळा) सत्रीय प्रवेश पत्र जिस सत्र के लिए जारी किए जाएंगे उनके समाप्त होने के बाद लोक सभा/राज्य सभा को वापिस कर दिए जाएंगे। नए सत्रीय सरकारी दीर्घा कार्ड अथवा सामान्य पास तभी जारी किए जाएंगे जबकि पिछले सत्र के लिए जारी किए गए कार्ड अथवा पास लोक सभा/राज्य सभा सचिवालय को वापिस कर दिए गए हों।

लोक सभा सचिवालय का. ळ्ाा.सं 1/4 (सी) सी.पी.आई.सी./2003 दिनांक 14.11.2003

16.10.1संसद भवन परिसर में वर्तमान सुरक्षा वातावरण तथा कड़ी जांच-पड़ताल और कड़े प्रवेश नियंत्रण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लोक सभा सचिवालय द्वारा विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा कड़ाई से अनुपालन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश बनाए गए हैं :-

(i) दो घ्एम.पी. लेबल - कैबिनेट मंत्री/राज्य मंत्री की सरकारी कार तथा निजी कार, प्रत्येक के लिए एक-एक जारी किए जाएंगे;

(ii) एक घ्पी लेबल मंत्रियों के निजी सचिवों/निजी सहायकों तथा अपर निजी सचिवों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले वाहन के लिए जारी किया जाएगा;

(iii) एक घ्पी लेबल मंत्रालयों/विभागों के सचिव/विशेष सचिव द्वारा प्रयोग किए जाने वाले प्रत्येक वाहन के लिए जारी किया जाएगा;

(iv) एक घ्पी लेबल भारत सरकार के प्रत्येक मंत्रालय/विभाग के संसद अनुभाग के प्रभारी संयुक्त सचिव के वाहन के लिए जारी किया जाएगा; तथा

(v) दो घ्पी लेबल मंत्रालयों/विभागों की स्टाफ कारों के लिए जारी किए जाएंगे।

(कैबिनेट मंत्रियों/राज्य मंत्रियों को वार्षिक घ्एम.पी. लेबल जारी किए जाते हैं जबकि मंत्रालयों की स्टाफ कारों के लिए सत्रीय घ्पी लेबल जारी किए जाते हैं)

तदनुसार मंत्रालय, उपरोक्त दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले वाहनों के पार्किंग लेबलों के लिए, आगामी सत्र प्रारम्भ होने से पर्याप्त समय पूर्व आवेदन करें तथा रजिस्ट्रेशन नम्बर सहित वाहनों का विवरण दें।

प्रक्रिया 18.18

16.10.2पी लेबल धारक को सरकारी कामकाज के संबंध में संसद भवन परिसर में प्रवेश करने का अधिकार होता है लेकिन उसे संसद मार्ग तथा लोक सभा मार्ग को सार्वजनिक मार्ग के रूप में उपयोग में लाने का हक नहीं है।

प्रक्रिया 18.18

16.10.3जिन अधिकारियों के लिए कार पार्क लेबल आवश्यक हो विभाग उनके सत्रीय सरकारी दीर्घा कार्डों की क्रम संख्याओं का यदि ऐसे कार्ड पहले जारी किए जा चुके हों अनिवार्यत: उल्लेख करेंगे।

[ Home ] [ Back ]